उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने भी हनुमान को लेकर एक बयान दिया है. टाइम्स नाउ के मुताबिक सत्यपाल सिंह ने कहा है, ‘भगवान राम और हनुमान जी के युग में इस देश में कोई जाति-व्यवस्था नहीं थी. कोई दलित, वंचित, शोषित नहीं था. वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस को अगर आप पढ़ेंगे तो आपको यह बात मालूम चल जाएगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हनुमान जी आर्य थे. इस बात को मैंने स्पष्ट किया है. उस समय आर्य जाति थी और हनुमान जी उसी आर्य जाति के महापुरुष थे.’

उधर, योगी आदित्यनाथ के हनुमान जी को दलित बताने वाले बयान का केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बचाव किया है. एनडीटीवी के मुताबिक शनिवार को राजस्थान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा, ‘राजस्थान आने से पहले मैंने योगी जी से इस बयान के बारे में बात की थी. उन्होंने मुझसे कहा कि उस बयान के अंतिम वाक्य को किसी ने नहीं सुना. योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा था कि हनुमान जी हम सब के तारणहार हैं.’ इसके साथ ही सुषमा स्वराज ने यह भी कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया.

इससे पहले बीते मंगलवार को राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं. भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम करते हैं.’ तब उन्हें उस बयान के लिए चौतरफा आलोचनाएं झेलनी पड़ीं थीं. इसके अलावा राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा ने उन्हें इस बयान के लिए एक कानूनी नोटिस भी भेजा था.