‘सिम्बा’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान आशुतोष राणा ने बड़ी ही दिलचस्प बात कही. उनका कहना था, ‘हम जब सिनेमाघर जाते हैं तो फिल्मों से कुछ शिक्षा लेना चाहते हैं, वहीं जब स्कूल जाते हैं तो वहां से मनोरंजन पाना चाहते हैं. यही वजह है कि दोनों जगह फेल हो जाते हैं.’ राणा का यह कहना एक खूबसूरत विचार की अभिव्यक्ति तो है ही, साथ ही इससे फिल्म के बारे में यह जरूरी बात भी पता चलती है कि ‘सिम्बा’ एक घोर मसाला फिल्म है जिससे मकसद और मतलब निकलने की उम्मीद न ही की जाए तो बेहतर होगा. यानी कि ठीक वैसी ही है जैसी आमतौर पर रोहित शेट्टी की फिल्में हुआ करती हैं.

‘सिम्बा’ के ट्रेलर की पहली खासियत है कि इसकी शुरुआत और इसके आखिर में ‘सिंघम’ के कुछ आइकॉनिक दृश्य दिखाई देते हैं और आपको पता चलता है कि बाजीराव सिंघम भी इस फिल्म का एक जरूरी किरदार है. हालांकि ‘सिम्बा’ इंस्पेक्टर सिंघम से प्रेरणा लेकर गोवा पुलिस में भरती हुए इंस्पेक्टर भालेराव की कहानी आपको दिखाने जा रही है.

सिंघम फ्रेंचाइजी का हिस्सा लग रही इस फिल्म में ट्विस्ट यह है कि इस बार नायक एक घूसखोर पुलिसवाला है. हालांकि थोड़ा सिंघम और थोड़ा चुलबुल पांडेय लग रहे इस किरदार को देखते ही आपको इस बात का एहसास भी हो जाता है कि यह सुधरेगा और बुराई के खिलाफ लड़ेगा. लेकिन साथ ही यह भी पता चलता है कि इस बार लड़ाई पुलिस बनाम भ्रष्टाचारी होने के बजाय, पुलिस बनाम बलात्कारी होने वाली है. इस बेहद संवेदनशील विषय को ‘सिम्बा’ कैसे इस्तेमाल करेगी, इस बात पर विचार किया जाता, अगर यह रोहित शेट्टी की फिल्म न होती तो! फिलहाल, ये झलकियां गाड़ियां उड़ाने वाले कई बार देखे हुए एक्शन दृश्यों के साथ रणवीर सिंह की बेहद एंटरटेनिंग परफॉर्मेंस का लालच देकर सिनेमाघर बुलाने की कोशिश करती दिखती हैं.

‘सिम्बा’ की एक खास बात यह भी है कि ये एक ही महीने में सारा अली खान को दूसरी बार स्क्रीन पर नजर आने का मौका देने वाली है. लेकिन ट्रेलर देखकर फिल्म में उनके ज्यादा वक्त नजर आने की संभावना कम ही नजर आ रही है. बस एक संवाद और नायक के साथ इतराने के एकाध दृश्यों को छोड़ दें तो इस बात का जरा भी पता नहीं चलता कि फिल्म में उनकी भूमिका क्या है. बाकी रणवीर सिंह के मराठी उच्चारण और एनर्जेटिक अपीयरेंस के साथ मजेदार डायलॉग और गोवा के नजारे फिल्म के भरपूर मनोरंजक होने की बात भी कहते हैं. बाकी सिम्बा, सिंघम की ‘लेगेसी’ को आगे कहां तक ले जा पाएगी, इस बात का पता तो 28 दिसंबर को फिल्म रिलीज के साथ ही चलेगा.

चलते-चलते : सिम्बा के पोस्टर पर ध्यान दें तो यह जिस तरह लिखा और डिजाइन किया गया है, वह आपको 70-80 के दशक की याद दिलाता है. इस तरह मजे-मजे में कहा जा सकता है कि पोस्टर, कहानी, फीमेल लीड का ट्रीटमेंट यानी काफी कुछ यहां पर रेट्रो स्टाइल में रचा गया है!

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