राजस्थान विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए प्रचार में जुटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज करतारपुर साहिब मुद्दे के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि अगर विभाजन के समय कांग्रेस नेताओं ने थोड़ी समझदारी दिखाई होती तो करतारपुर साहिब भारत से अलग नहीं होता. नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस की हर बड़ी गलती को ठीक करने का काम उनके नसीब में आया है.

हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले में बड़ी संख्या में सिख मतदाता हैं. पीटीआई की खबर के मुताबिक राजस्थान के नखलिस्तान कहे जाने वाले इस इलाके में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण की शुरुआत में ही करतारपुर साहिब का मुद्दा उठा दिया. उन्होंने कहा, ‘1947 में देश आजाद हुआ. भारत के विभाजन के समय राजगद्दी पर बैठने की जल्दबाजी में कांग्रेस नेतृत्व और कांग्रेस वालों ने गलतियां कीं. विभाजन के समय अगर कांग्रेस नेताओं में इस बात की थोड़ी भी समझदारी, संवेदनशीलता और गंभीरता होती कि हिंदुस्तान के जीवन में गुरुनानक देव का स्थान क्या है तो तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित हमारा करतारपुर हमसे अलग नहीं होता.’

मोदी ने आगे कहा, ‘सत्ता के मोह को हम समझ सकते हैं लेकिन सत्ता के मोह में संतुलन भी खो जाए, यह समझ से परे है. राजगद्दी के मोह में कांग्रेस ने जो गलतियां कीं उसका खामियाजा आज हमें भुगतना पड़ रहा है. कांग्रेस की हर बड़ी गलती को ठीक करने का काम मेरे नसीब में आया है और मेरा नसीब मेरी हाथ की लकीरों में नहीं, बल्कि सवा सौ करोड़ देशवासियों के हाथ में है.’ प्रधानमंत्री ने सवाल करते हुए कहा, ‘क्यों कांग्रेस को 1947 में याद नहीं आया कि करतारपुर हिंदुस्तान में होना चाहिए? आज अगर करतारपुर कॉरिडोर बन रहा है तो इसका श्रेय मोदी को नहीं बल्कि देश की जनता के वोट को जाता है.’

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की मुसीबतों के लिए भी पूर्व की कांग्रेस सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं पर तंज करते हुए कहा कि जिन्हें हरी मिर्च और लाल मिर्च में फर्क पता नहीं वे हमें किसानों की भाषा बता रहे हैं. मोदी ने कहा, ‘एक ही परिवार की चार पीढ़ियों ने, जिनको न खेत की समझ है न किसान की समझ है, ऐसी नीति बनाई कि मेरे देश का किसान बर्बाद हो गया.’प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की खराब हालत के लिए पूरी तरह कांग्रेस को जिम्मेदार बताते हुए कहा, ‘देश के किसानों की मुसीबत कांग्रेस के 70 साल के पापों का परिणाम है. अगर देश के पहले प्रधानमंत्री एक किसान के बेटे सरदार वल्लभ भाई पटेल बने होते तो देश के किसानों की यह दशा कतई नहीं होती.’