सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के खिलाफ कर निर्धारण मामलों को फिर से खोलने की अनुमति दे दी है. 2011-12 के ये मामले नेशनल हेराल्ड प्रकरण से जुड़े हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वह राहुल गांधी और सोनिया गांधी की याचिका लंबित होने के दौरान उनके खिलाफ कार्यवाही करने के संबंध में अपने आदेश पर अमल न करे. इसके साथ ही न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई साल आठ जनवरी, 2019 के लिए सूचीबद्ध कर दी.

वहीं, आज हुई सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह इस मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी की याचिकाओं के गुणदोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है. उधर, विभाग की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि न्यायालय को राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ कर निर्धारण आदेश पर अमल करने से आयकर विभाग को नहीं रोकना चाहिए. उनका कहना था कि न्यायालय को मामले की सुनवाई करके उचित आदेश पारित करना चाहिए. बता दें कि कर संबंधी यह मामला नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़ा है जिसमें कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चल रही है.