बुलंदशहर में कथित गोकशी को लेकर भीड़ की हिंसा में मारे गये पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के बेटे ने कहा है कि उनके पिता चाहते थे कि वह एक अच्छा नागरिक बने जो धर्म के नाम पर हिंसा नहीं भड़काये. इंस्पेक्टर सुबोध के बेटे अभिषेक सिंह ने कहा, ‘मेरे पिता ने इस हिंदू-मुस्लिम विवाद में अपना जीवन गंवा दिया. अगली बारी किसके पिता की होगी?’

हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर की बहन सुनीता ने भी इस मामले में पुलिस और राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया. पीटीआई के मुताबिक, सुनीता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बरसते हुए कहा, ‘गाय हमारी माता है. मैं उसे स्वीकार करती हूं. मेरे भाई ने अपना जीवन उनके लिए दिया. मुख्यमंत्री गाय, गाय, गाय करते रहते हैं. वह गौ रक्षा के लिए कदम क्यों नहीं उठाते?’ सुनीता ने अारोप लगाया कि पुलिस ने एक साजिश में मेरे भाई की हत्या की क्योंकि उसने अखलाक की पीट-पीट कर हत्या के मामले की जांच की थी.

सोमवार को बुलंदशहर में गोकशी की अफवाह के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी. सुबोध सिंह ने 2015 में गोमांस खाने को लेकर फैली अफवाह के बाद दादरी निवासी मोहम्मद अखलाक की पीट-पीट कर हत्या मामले की शुरूआती जांच की थी.