फ्रांस सरकार ने मंगलवार को पेट्रोलियम ईंधन पर करों में प्रस्तावित वृद्धि के फैसले को फिलहाल वापस लेने की घोषणा की है. फ्रांसीसी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि ईंधन पर कर बढ़ाने की घोषणा के बाद पेरिस में पिछले सप्ताह हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था, जिसकी वजह से सरकार को इस फैसले को पलटना पड़ा है.

‘ले मॉन्ड’ समाचार पत्र और फ्रांस इन्फो रेडियो की खबरों में कहा गया है कि प्रस्तावित वृद्धि को कई महीने के लिए टाल दिया गया है. प्रधानमंत्री फिलिप तनाव कम करने के लिए कुछ और उपायों की भी घोषणा कर सकते हैं. हालांकि, तीन सप्ताह पहले उन्होंने कहा था कि सरकार अपने रुख में बदलाव नहीं करेगी और हम उपभोक्ताओं को प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन से राहत दिलाने को प्रतिबद्ध हैं.

ईंधन कर वृद्धि के खिलाफ फ्रांस के लोग पीला कुर्ता (येलो वेस्ट) पहनकर आंदोलन कर रहे हैं. फ्रांस में शुरू हुआ प्रदर्शनों का सिलसिला सड़कों पर संघर्ष में बदल गया था और सप्ताहांत प्रदर्शन के दौरान पेरिस में जमकर तोड़फोड़ हुई थी. विरोध ईंधन कीमतों में वृद्धि से शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रां के खिलाफ एक बड़े विरोध में बदल गया. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति ऐसी नीतियां लागू कर रहे हैं, जिनकी वजह से निचली आयवर्ग वाले परिवार प्रभावित हो रहे हैं.