सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के खिलाफ कर निर्धारण मामलों को फिर से खोलने की आयकर विभाग को अनुमति दे दी है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. 2011-12 के ये मामले नेशनल हेराल्ड प्रकरण से जुड़े हैं. न्यायाधीश एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने अब इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख आठ जनवरी, 2019 तय की है.

बिहार : छात्र राजनीति को लेकर भाजपा और जेडीयू में टकराव

बिहार में छात्र राजनीति का असर जेडीयू (जनता दल- यूनाइटेड) और भाजपा के संबंध पर भी पड़ता दिख रहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक एक ओर जहां जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की गाड़ी पर हमला हुआ. वहीं, भाजपा के नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं. दोनों दलों के नेताओं की ओर से तीखी बयानबाजी भी हुई है. इससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक नेता को जेडीयू में शामिल किया गया था. इसके बाद बताया जाता है कि प्रशांत किशोर से भाजपा नाराज है. पार्टी का आरोप है कि प्रशांत गलत तरीके से पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश में हैं. जेडीयू इस चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रही है.

भारत के निजी अस्पतालों में 50 से 70 फीसदी उपकरण सेकेंड हैंड

भारत के निजी अस्पतालों में 50 से 70 फीसदी उपकरण सेकेंड हैंड हैं. एंडोस्कोप से एमआरआई तक के लिए इन मशीनों को तीसरी पार्टी द्वारा ऑनलाइन खरीदा जाता है. राजस्थान पत्रिका ने खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन (आईसीआईजे) की रिपोर्ट के हवाले से यह खबर छापी है. इसके मुताबिक देश में इन मशीनों की खरीद को लेकर कोई नियामक नहीं है. इस लिहाज से इन मशीनों को लेकर कोई प्रमाणिकता नहीं है कि इनमें कोई कमी है या इनसे जो जांच हो रही है, उसकी रिपोर्ट सही भी आ रही है या नहीं. इनसे मरीजों के संक्रमित होने का भी खतरा होता है. रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि देश के एक लाख से अधिक डायग्नोस्टिक लैब में से दो फीसदी से भी कम ने मशीनों का प्रमाणीकरण कराया है.

टीटीवी दिनाकरण के खिलाफ चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में आरोप तय

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एआईएडीएमके के पूर्व नेता टीटीवी दिनाकरण के खिलाफ चुनाव अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले में आरोप तय कर दिए हैं. अमर उजाला की खबर के मुताबिक आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा-201 (सबूतों को नष्ट करने) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत साजिश के मामले दर्ज किए गए हैं. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 17 दिसंबर तय की है. दिनाकरण पर पार्टी का दो पत्ती वाला चुनाव चिन्ह हासिल करने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है.