अगस्ता हैलीकॉप्टर रिश्वत कांड के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया जा चुका है. ख़बरों के मुताबिक मंगलवार देर रात मिशेल को दुबई से विशेष विमान से दिल्ली लाया गया है. उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जा रहा है. सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) दोनों ही पूछताछ के लिए उसे अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में हैं. हालांकि इनमें तवज़्ज़ो सीबीआई को मिलने की संभावना बनती है क्योंकि उसी की अगुवाई में मिशेल को भारत लाया जा सका है. अलबत्ता सूत्रों की मानें तो क्रिश्चियन मिशेल के भारत लाए जाने का असर आने वाले दिनों दो-तीन जगहों पर एक साथ नज़र आ सकता है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक सबसे बड़ा असर राजनीतिक हो सकता है. इसकी वज़ह ये है कि भारत और अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के बीच 3,600 करोड़ रुपए में 12 हैलीकॉप्टरों की आपूर्ति का सौदा 2010 में हुआ था. यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की सरकार के समय. इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी आगामी लोक सभा चुनाव के मद्देनज़र इसे कांग्रेस और विपक्ष पर हमला करने के लिए राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.

दूसरी बात. द इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार अगस्ता रिश्वतकांड की जांच सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के नेतृत्व में हुई है. अस्थाना फिलहाल एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा के साथ भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप की वज़ह से विवादों में हैं. उन्हें वर्मा के साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जबरन छुट्‌टी पर भेजा हुआ है. लेकिन अब क्रिश्चियन मिशेल का सफल प्रत्यर्पण उनका पक्ष थोड़ा मज़बूत कर सकता है. हालांकि उसे लाने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की भूमिका ज़्यादा बताई जाती है.

इनके अलावा तीसरा असर अंतरराष्ट्रीय संबंध के रूप में सामने आ सकता है. दोनों ख़बरों में इस पर ख़ास जोर दिया है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच बेहतर होते संबंध की वज़ह से मिशेल का प्रत्यर्पण संभव हो पाया है. क्योंकि इससे पहले यूएई इस आधार पर मिशेल के प्रत्यर्पण में अड़ंगे लगाता रहा है कि वह ब्रिटिश नागरिक है. हालांकि बाद में प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के युवराज मोहम्मद बिन ज़ाएद के बीच सहज हुए संबंधों ने यह राेड़ा हटा दिया. ये संबंध अब आगे भी अपना असर दिखा सकते हैं.

ग़ौर करना होगा कि मिशेल पर आरोप है कि उसने रिश्वत देकर भारतीय शासन व सैन्य तंत्र में शामिल लोगों को अपने साथ मिलाया. इस तरह अतिविशिष्ट (वीवीआईपी) लाेगों की आवाज़ाही के लिए काम आने वाले हैलीकॉप्टराें की आपूर्ति का सौदा अगस्ता के पक्ष में कराया. इन लोगों में भारतीय वायु सेना के तत्कालीन प्रमुख एसपी त्यागी और उनके कुछ रिश्तेदारों के नाम भी हैं. तिस पर अगस्ता की मूल कंपनी फिनमैकेनिका इटली की है. इस मामले का ख़ुलासा भी पहली बार वहीं हुआ था जब वहां फिनमैकेनिका के प्रमुख जी आेरसी व एक अन्य अधिकारी को पकड़ा गया था. ऐसे में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी (वे ख़ुद इटली मूल की हैं) के लिए भी मिशेल का प्रत्यर्पण मुश्किल खड़ी कर सकता है.