भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने कहा है कि वे बैंकों से लिए कर्ज का पूरा मूलधन चुकाने को तैयार हैं. लंदन में चल रहे उनके भारत प्रत्यर्पण के मामले में सुनवाई से पांच दिन पहले विजय माल्या ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उनका कहना था, ‘नेता और मीडिया लगातार जोर-जोर से मुझे ऐसा डिफॉल्टर बता रहे हैं जो सरकारी बैंकों का पैसा लेकर भाग गया. ये सब झूठ है. मेरे साथ ठीक व्यवहार क्यों नहीं किया जा रहा है और मैंने कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने लोन सेटलमेंट की जो विस्तृत योजना पेश की थी, उस पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है? दुखद.’

विजय माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के घाटे में जाने का जिम्मेदार तेल की बढ़ती कीमतों को बताते हुए लिखा, ‘एयरलाइंस को एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की ऊंची कीमतों के कारण वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा. किंगफिशर एक शानदार एयरलाइन थी, लेकिन कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने से कंपनी का घाटा और बैंक का कर्ज दोनों बढ़ गया. मैं उन्हें (बैंकों को) 100 प्रतिशत मूलधन लौटाने को तैयार हूं. कृपया इसे ले लें.’

विजय माल्या ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है, ‘तीन दशकों तक देश में शराब बनाने वाली कंपनियों का सबसे बड़ा समूह संचालित करते हुए हमने सरकारी खजाने में हजारों करोड़ रुपये का योगदान किया. किंगफिशर एयरलाइंस ने भी सरकारों को अच्छी रकम दी. शानदार एयरलाइन को खो देना दुखद है, फिर भी मैं बैंकों को पेमेंट करने का ऑफर दे रहा हूं. कृपया ले लें.’

कारोबारी विजय माल्या पर अलग-अलग बैंकों का करीब नौ हजार करोड़ रु बकाया है. मार्च 2016 में वे उस वक्त देश छोड़ कर भाग गए जब सभी बैंकों ने यह बकाया वसूलने के लिए एक साथ मिलकर कानूनी कार्यवाही शुरू की. भारत ने पिछले साल फरवरी में ब्रिटेन से विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की थी. उनके प्रत्यर्पण पर लंदन की एक अदालत में पिछले दो साल से सुनवाई चल रही है.