अगस्ता-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच अारोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने भ्रष्टाचार की सच्चाई बताने के बजाय अगस्ता मामले में फर्जी साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, ‘अगस्ता मामले में भाजपा सिर्फ गुमराह करने और कीचड़ उछालने का काम कर रही है. वह अपने भ्रष्टाचार की सच्चाई बताने की बजाय इस मामले में फर्जी साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है.’ सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि अगस्ता वेस्टलैंड एवं उसकी मातृ कंपनी फिनमेकानिका का नाम प्रतिबंधित सूची में होने के बावजूद इसको मोदी सरकार में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली ताकि वह भारतीय कारपोरेट समूहों की साझेदार बन सके. उन्होंने आगे कहा, ‘सामने दिख रही करारी हार की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा झूठ पर झूठ बोल रहे हैं और अगस्ता वेस्टलैंड/फेनमेकानिका को एफआईपीबी की मंजूरी मिलने के मामले में अपने संदिग्ध भूमिका से ध्यान भटकाने की साजिश के तहत यह सब कर रही है.’

सुरजेवाला ने कहा कि फरवरी, 2010 में 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए 3,546 करोड़ रुपये का सौदा अगस्ता-वेस्टलैंड को दिया गया और फिर मीडिया की खबरों के मद्देनजर फरवरी, 2013 में सौदा रद्द कर दिया गया. 12 फरवरी, 2013 को यह मामला सीबीआई को सौंप दिया. 10 फरवरी, 2014 को संप्रग सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकानिका को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में एक चुनावी सभा के दौरान बुधवार को मिशेल के प्रत्यर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि ये बिचौलिया राज खोलेगा तो पता नहीं कि बात कितनी दूर तक जाएगी. मिशेल को इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित करके मंगलवार देर रात भारत लाया गया.