बुधवार को बुलंदशहर हिंसा मामले के मुख्य आरोपित और बजरंग दल के स्थानीय नेता योगेश राज का एक वीडियो जारी हुआ है. इसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा में अपनी किसी भी तरह की भूमिका होने से इनकार किया है.

सोमवार को बुलंदशहर जिले के महाव गांव के एक खेत में मरी गायों के अवशेष मिले थे. इसके बाद यहां हिंसा भड़क गई थी जिसमें एक बीस साल के स्थानीय युवक और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी.

इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थीं. हिंसा भड़काने से जुड़ी एफआईआर में योगेश राज मुख्य आरोपित है, साथ ही इसमें 26 अन्य लोग भी अभियुक्त हैं. वहीं कथित गोहत्या के मामले में दूसरी एफआईआर खुद योगेश ने दर्ज करवाई थी.

पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में योगेश ने दावा किया था कि वे जब अपने दोस्तों के साथ महाव गांव के पास जंगलों की तरफ जा रहे थे तब उन्होंने मुस्लिम समुदाय के सात लोगों को गायें काटते हुए देखा था. हालांकि वीडियो में योगेश राज इससे अलग बात कहते हुए दिख रहे हैं. इसमें बजरंग दल के इस सदस्य ने दावा किया है कि जब उन्हें गोहत्या की सूचना मिली तो उसके बाद वे घटना स्थल पर पहुंचे थे. इस वीडियो में योगेश ने कहा है, ‘पुलिस मुझे इस तरह प्रस्तुत कर रही है कि जैसे कि मेरा कोई बहुत बड़ा आपराधिक इतिहास हो. मैं यह बताना चाहता हूं कि स्याना के नज़दीक महाव में गोकशी की घटना हुई थी जहां मैं अपने साथियों समेत पहुंचा था.’

इसके आगे योगेश ने बुलंदशहर में हुई हिंसा में उनका हाथ होने की बात को खारिज किया और कहा है, ‘प्रशासनिक लोग भी वहां (गायों के अवशेष मिलने वाले स्थान पर) पहुंचे थे. सब लोग शांत हो गए थे जिसके बाद हम लोग स्याना थाने में थे. वहां पर हमें सूचना मिली कि गांव वालों ने पथराव किया है और दो लोगों को गोली लगी है... मैं घटनास्थल पर मौजूद नहीं था. मेरा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है.’

योगेश राज फिलहाल फरार हैं. इस बीच पीटीआई से बात करते हुए बजरंग दल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह संयोजक प्रवीण भाटी ने भी योगेश राज को निर्दोष बताया है और कहा है, ‘ हम मानते हैं कि हम (गाय के) शव को थाने लेकर गए क्योंकि हम गोकशी करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई चाहते थे, लेकिन जब पुलिस हमारी मांग पर राजी हो गई और प्राथमिकी दर्ज कर ली तो फिर हम क्यों हंगामा करेंगे?’ इसके साथ ही भाटी ने योगेश राज को आत्मसमर्पण की सलाह देते हुए मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए.