केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बारे में ख़बर है कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) से अलग हो सकते हैं. इसके बाद सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने ख़बर यह भी दी है कि वे संभवत: जेडीयू (जनता दल-यूनाइटेड) से निष्कासित नेता शरद यादव के नवगठित- लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के साथ अपनी पार्टी का विलय कर सकते हैं.

दोनों नेताओं से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार में लोक सभा चुनाव के मद्देनज़र सीटों के बंटवारे के लिए 30 नवंबर की तारीख़ तय की थी. यानी इस समय तक भाजपा को यह बताना था कि वह अपने पहले से तय फॉर्मूले में बदलाव कर रही है या नहीं. लेकिन बताया जाता है कि भाजपा की ओर से इस बाबत कुशवाहा को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई. इसके बाद कुशवाहा का एनडीए से अलग होना लगभग तय माना जा सकता है.

एक अन्य नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘बिहार के मोतिहारी में गुरुवार छह दिसंबर को कुशवाहा की पार्टी का सम्मेलन हाे रहा है. इसी में वे अपने भविष्य के रुख़ के बाबत कोई घोषणा कर सकते हैं. शरद यादव की उनके साथ दोनों दलों के विलय पर बातचीत हुई है. इस विलय के बाद देश के दूसरे राज्यों में अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों से ‘विलय’, ‘सहमतिपूर्ण समझौता’ और ‘गठबंधन’ करने की रणनीति पर काम तेज किया जाएगा.’

आरएलसपी ने 2014 में एनडीए घटक के रूप में बिहार की चार लोक सभा सीटों पर चुनाव लड़ा था. इनमें से तीन सीटें उसने जीती भीं. लेकिन 2015 के राज्य विधानसभा चुनाव में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. उसके खाते में 23 सीटें आईं लेकिन पार्टी सिर्फ दो ही जीत सकी. इसके बाद जब जेडीयू पिछले साल एनडीए में लौटी तो आरएलएसपी के लिए स्थिति और मुश्किल हो गई क्योंकि उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार एक-दूसरे के विरोधी माने जाते हैं.

यहीं याद रखने की दो बातें और भी हैं. पहली- जेडीयू के एनडीए में शामिल होने के विरोध की वज़ह से ही शरद यादव को भी नीतीश कुमार ने पार्टी से निष्कासित किया था. तभी उन्होंने इस साल जुलाई में एलजेडी बनाई थी. दूसरी बात- अगले साल के लोक सभा चुनाव के लिए भाजपा और जेडीयू ने बिहार में बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. वहीं आरएलएसपी को सिर्फ़ दो सीटें देने की ही तैयारी कर रखी थी. इसी से कुशवाहा असहज हो रहे हैं.