देश की सड़कों के क्या हाल हैं ये इस एक आंकड़े से समझा जा सकता है. इसके मुताबिक बीते पांच साल में देश की गड्ढायुक्त सड़कों पर हुई दुर्घटनाओं में 14,926 लोगों की मौत हाे चुकी है. गुरुवार को यह आंकड़ा जब सुप्रीम कोर्ट के सामने आया तो वह भी हैरान रह गया. शीर्ष अदालत ने इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया है.

सड़कों के गड्‌ढों की वज़ह से होने वाली दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह जानकारी आई. इस पर अदालत ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा, ‘सीमा पर जितने जवान देश की सुरक्षा करते हुए शहीद होते हैं, यह आंकड़ा उससे भी ज़्यादा है. साल 2013 से 2017 के बीच हुई इन मौतों से यह भी साफ होता है कि अधिकारी सड़कों के रखरखाव पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं.’

इसके साथ ही अदालत ने मामले में केंद्र सरकार को ज़वाब दाख़िल करने का निर्देश दिया और सुनवाई जनवरी तक के लिए आगे बढ़ा दी. बेंच में जस्टिस दीपक गुप्ता और हेमंत गुप्ता बतौर सदस्य शामिल हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस केएस राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा के मसले पर एक समिति बनाई थी. उसी समिति ने अपनी रिपोर्ट में गड्ढों की वज़ह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों का आंकड़ा दिया है.