9000 करोड़ रु के बकाये से जूझ रहे कारोबारी विजय माल्या ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा कि उनके कर्ज चुकाने के प्रस्ताव का दुबई से अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कथित मध्यस्थ क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि, अपने इस ट्वीट में उन्होंने क्रिश्चियन मिशेल का नाम नहीं लिखा है.

विजय माल्या ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सम्मानपूर्वक, मुझ पर टिप्पणी करने वालों से कहना चाहता हूं कि मैं समझ नहीं पा रहा कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले और कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को हाल में ही दुबई से हुए प्रत्यर्पण से कैसे जोड़ा जा रहा है. चाहें मैं कहीं भी रहूं, मेरी अपील यही है, ‘कृपया पैसे ले लीजिए’. मैं इस मामले को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने बैंकों का पैसा चोरी किया है.’

कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा था कि वे बैंकों से लिए सारे कर्ज का मूलधन चुकाने को तैयार हैं. मार्च 2016 में वे उस वक्त देश छोड़ कर भाग गए जब अलग-अलग सरकारी बैंकों ने अपना बकाया वसूलने के लिए एक साथ मिलकर कानूनी कार्यवाही शुरू की. भारत ने पिछले साल फरवरी में ब्रिटेन से विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मांग की थी. उनके प्रत्यर्पण पर लंदन की एक अदालत में पिछले दो साल से सुनवाई चल रही है. चार दिन बाद इस पर फैसला होना है.