कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बोलने के अंदाज के लिए मशहूर हैं. मौजूदा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने उनके इस अंदाज का खूब इस्तेमाल किया है. लेकिन इससे नवजोत सिंह सिद्धू की आवाज पर बुरा असर पड़ा है. इस बारे में पंजाब सरकार ने आज कहा कि 17 दिन के तूफानी चुनाव प्रचार के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की आवाज खतरे के कगार पर है और उन्हें डॉक्टरों ने तीन से पांच दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि पंजाब के स्थानीय प्रशासन, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सिद्धू के वोकल कॉर्ड को नुकसान पहुंचा है और वे जांच कराने और स्वास्थ्य लाभ के लिए अज्ञात जगह पर चले गए हैं. इससे पहले कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में सिद्धू ने राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के चुनावों के लिए 17 दिन में 70 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया.

इस बारे में विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘नवजोत सिंह सिद्धू ने 17 दिन तक आक्रामक चुनाव प्रचार किया जिसमें उन्होंने एक के बाद एक 70 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया और व्यस्त दिनचर्या की वजह से उनका वोकल कॉर्ड प्रभावित हुआ है. डॉक्टरों ने उनसे कहा है कि वह आवाज खोने के कगार पर हैं इसलिए उन्हें तीन से पांच दिन का पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है.’

सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि कुछ साल पहले बहुत ज्यादा विमान यात्राओं की वजह से सिद्धू डीवीटी (डीप वीन थ्रोम्बोसिस) का शिकार हुए थे और उनका इलाज किया गया था. इस वजह से लगातार हेलीकॉप्टर और विमान यात्राएं उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह रही हैं.