बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसक घटना को लेकर शिव सेना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. एनडीटीवी के मुताबिक इस घटना को निराशाजनक बताते हुए शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है, ‘योगी आदित्यनाथ के शासन में दंगे हो रहे हैं. बुलंदशहर के स्याना में गोमांस मिलने पर भड़की हिंसा के दौरान एक पुलिस अधिकारी को अपना जीवन खोना पड़ा. जिस तरह एक सैनिक और पुलिसकर्मी का कोई धर्म नहीं होता उसी तरह शासक का ध्यान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने पर होना चाहिए.’

इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ पर अपने राज्य के प्राथमिक मुद्दों के बजाय शहरों का नाम बदलने और इस संबंध में दिए जाने वाले उनके बयानों को लेकर भी शिव सेना ने उन पर हमला बोला है. बीते दिनों तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी का प्रचार करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी तो हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर किया जाएगा. इस पर सामना ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैदराबाद का नाम बदलने की बात कर रहे हैं लेकिन यह बड़ा सवाल नहीं है. बड़ा सवाल यह है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कब शुरू होगा?

इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा था कि तेलंगाना में भाजपा सरकार बनने के बाद आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद छोड़कर भाग जाएंगे जैसे एक वक्त ​वहां के निजाम भाग गए थे. इस पर सामना ने सवाल किया है कि तेलंगाना में सरकार बनने के बाद भाजपा मुगल शासकों की निशानियों को मिटाने का काम करेगी तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद को शंभाजी नगर और उस्मानाबाद को धाराशिव का नाम आखिर कब देगी? दिलचस्प बात यह है कि महाराष्ट्र में शिव सेना समर्थित भाजपा की ही सरकार है. साथ ही महाराष्ट्र के इन दो शहरों के नामों में बदलाव के लिए यह पार्टी कई वर्षों से मांग कर रही है.