उत्तराखंड सरकार ने 2013 में केदारनाथ में आयी प्रलयंकारी बाढ़ की त्रासदी पर बनी फिल्म ‘केदारनाथ’ पर उठ रही आपत्तियों की समीक्षा के लिये पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है. सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म शुक्रवार (7 दिसंबर) को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जायेगी.

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस समिति में गृह सचिव नितेश झा, सूचना सचिव दिलीप जावलकर तथा पुलिस महानिदेशक अनिल रतूडी बतौर सदस्य शामिल हैं. यह समिति ‘केदारनाथ’ को लेकर उठ रही आपत्तियों के संदर्भ में फिल्म का परीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर उत्तराखंड में फिल्म के प्रदर्शन के संबंध में समुचित निर्णय लिया जायेगा.

इस बीच, ‘केदारनाथ’ फिल्म पर प्रतिबंध लगाने को लेकर दायर याचिका को नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को खारिज कर दिया. याचिका में फिल्म को हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए उसके प्रदर्शन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था. अदालत ने इस संबंध में उचित निर्णय लेने का अधिकार रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी पर छोड़ते हुए कहा कि वह क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति के अनुसार अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकते हैं. अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को भी सलाह दी कि अगर उनकी इच्छा नहीं है तो इस फिल्म को न देखें.

इस फिल्म को लेकर केदारनाथ क्षेत्र के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इसमें एक हिंदू श्रद्धालु और एक मुस्लिम पोर्टर के बीच की प्रेम कहानी दिखायी गयी है जो लव जिहाद को बढावा देगी.