महाराष्ट्र में पिछले महीने मारी गई बाघिन ‘अवनि’ की हत्या की जांच कर रहे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में एनटीसीए ने बाघिन को मारे जाने के तरीके पर सवालिया निशान लगाए हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनटीसीए ने अपनी रिपोर्ट में अवनि को मारने वाली टीम को ‘अनुभवहीन’ बताया है. साथ ही कहा है कि बाघिन को ट्रैंक्विलाइज (बेहोश करने) करने का काम गैर-पेशेवर और अनधिकृतकर्मियों ने संभाला था. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘फायरिंग के समय अवनि सड़क से दूर अपने रास्ते पर चल रही थी. डार्ट फायर (बेहोश करने के लिए) करने के बाद टीम की जीप अवनि पास गई. इस पर उसने गुस्सा दिखाया. यह स्वाभाविक भी था.’ रिपोर्ट अवनि की हत्या के आरोपित असगर अली खान के उस दावे को भी खारिज करती है, जिसमें उन्होंने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने की बात कही थी.

अवनि की हत्या दो नवंबर को की गई थी. बाघिन टी-1 (अवनि) की मौत को लेकर महाराष्ट्र सरकार की काफी आलोचना हुई थी. ऐसा माना जाता है कि इस बाघिन ने यवतमाल के जंगलों में पिछले दो सालों में 13 से अधिक लोगों की जान ले ली थी. बाघिन के मारे जाने पर देशभर में पशुप्रेमियों और वन्यजीव संगठनों ने नाराजगी जाहिर की थी. इसके बाद बाघिन की मौत के लिए आठ नवंबर को दो सदस्यों वाली जांच समिति का गठन किया गया था.