सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के ख़िलाफ़ दायर की गई एक याचिका ख़ारिज़ कर दी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, ‘इस याचिका पर सुनवाई का हमें काेई कारण नज़र नहीं आता.’

अदालत ने इसके साथ ही अरुण जेटली के ख़िलाफ़ जनहित याचिका लगाने वाले वकील एमएल शर्मा पर 50 हजार रुपए का ज़ुर्माना भी ठोका है. साथ ही अदालत के पंजीयक को निर्देश दिया कि जब तक शर्मा ज़ुर्माना अदा नहीं कर देते, उन्हें कोई अन्य याचिका दायर न करने दी जाए. शर्मा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि अरुण ‘जेटली भारतीय रिज़र्व बैंक की आरक्षित पूंजी (कैपिटल रिज़र्व) पर डाका डाल रहे हैं.’

ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच कैपिटल रिज़र्व का मसला गतिरोध की एक बड़ी वज़ह है. केंद्र चाहता है कि आरबीआई इस रकम में से एक ठीक-ठाक हिस्सा सरकार को दे दे. ताकि उसका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं और विकास कार्याें के लिए हो सके. जबकि आरबीआई इससे इंकार कर रहा है. उसकी दलील है कि उसका कैपिटल रिज़र्व आपातकालीन आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए है.