संसद के शीतकालीन सत्र से पहले दोनों सदन में सुगम कामकाज के लिए सहमति बनाने को लेकर सरकार ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा परंपरागत रूप से संसद सत्र की शुरुआत की पूर्वसंध्या पर होने वाली बैठक में सामान्य तौर पर प्रधानमंत्री सरकार का एजेंडा बताते हैं और सरकारी कामकाज के लिए विपक्ष का समर्थन मांगते हैं. गौरतलब है कि यह लोकसभा चुनाव से पहले संसद का अंतिम संपूर्ण सत्र होगा.

उधर, सत्र को लेकर कहा जा रहा है कि पांच राज्यों - मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम - के विधानसभा चुनावों के नतीजे संसद की कार्यवाही पर असर डाल सकते हैं. इन चुनावों में भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. चुनावों के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे. इसी दिन संसद सत्र शुरू होगा.

पीटीआई के मुताबिक इस बार सरकार राज्यसभा में लंबित ‘तीन तलाक’ विधेयक पारित करने पर जोर देगी. उसने तीन तलाक को रोकने के लिए अध्यादेश लागू किया है. सामान्य रूप से शीतकालीन सत्र नवंबर में शुरू होता है. हालांकि पिछले साल की तरह इस बार भी इसकी शुरूआत दिसंबर में होने जा रही है. इसका कारण पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों को बताया जा रहा है.