पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि हम अमेरिका के साथ वैसे ही रिश्ते चाहते हैं जैसे रिश्ते हमारे चीन के साथ हैं. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब हम अमेरिका को बंदूक चलाने के लिये अपने कंधे के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दे सकते.

इमरान खान ने गुरुवार को वाशिंगटन पोस्ट को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘मैं कभी भी ऐसा रिश्ता नहीं चाहूंगा जहां पाकिस्तान के कंधे पर रखकर बंदूक चलाई जाए. किसी और की लड़ाई लड़ने के लिये हमें रकम दी जाए. इससे हमें न सिर्फ इंसानी जानों का नुकसान हो रहा है बल्कि हमारे कबायली इलाके भी बर्बाद हो रहे हैं.’ अमेरिका के साथ आदर्श रिश्ते कैसे हो सकते हैं, यह पूछे जाने पर इमरान ने कहा, ‘चीन के साथ हमारे रिश्ते एकपक्षीय नहीं हैं. यह दो देशों के बीच कारोबारी रिश्ता है. हम अमेरिका के साथ भी ऐसा रिश्ता चाहते हैं.’ हालांकि, इमरान ने खुद के ‘अमेरिका विरोधी’ होने की बात खारिज की और कहा कि मैं केवल नीतियों को लेकर असहमत हूं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले साल अगस्त में अपनी अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया नीति की घोषणा करने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था. ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता यह कहते हुए रद्द कर दी थी कि वह आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है. पिछले महीने ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिये अमेरिका की मदद का कोई प्रयास नहीं कर रहा है.