प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कुछ करीबियों के ठिकानों पर छापामारी की है. डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक छापामारी की यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर के अलावा बैंगलुरु में की गई. उधर, रॉबर्ट वाड्रा के वकील सुमन ज्योति खेतान ने ईडी के अधिकारियों पर सर्च वारंट दिखाए बिना ही तलाशी की कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है.

उनका यह भी कहना है कि छापा मारने वाले अधिकारियों ने परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया और तलाशी कार्रवाई के दौरान वकीलों को भी आने की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने सवालिया लहजे में आगे कहा, ‘क्या इसे ही कानून का शासन कहा जाता है.’ इसके साथ ही सुमन ज्योति खेतान ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ फर्जी सबूत गढ़े जाने का आरोप भी लगाया है.

इस बीच ईडी के एक अधिकारी ने दावा किया है कि यह छापेमारी रॉबर्ट वाड्रा के तीन करीबियों के ठिकानों पर की गई थी. इन पर एक रक्षा सौदे के जरिये कमीशन हासिल करने के आरोप हैं. ​उधर, राजस्थान के बीकानेर में जमीन से जुड़े एक घोटाले के मामले में भी ईडी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच कर रहा है और इस सिलसिले में ईडी ने उन्हें समन भेजकर व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने के लिए भी कह चुका है.

इस दौरान कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से ‘हतोत्साहित’ होकर उठाया गया कदम करार दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है, ‘भाजपा जान गई है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में उसे करारी हार मिलने वाली है इसीलिए वह बदले की भावना से काम कर रही है.’