हिंदुवादी नेता और ‘शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान’ नाम के संगठन के प्रमुख संभाजी भिड़े को शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई.संभाजी भिड़े ने इस साल जून में एक जनसभा में दावा किया था कि उनके बागीचे के आम खाने से कई महिलाओं का बांझपन ठीक हो गया है. इस बयान को लेकर संभाजी भिड़े मुकदमे का सामना कर रहे थे.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संभाजी भिड़े ने दावा किया था, ‘मैंने अपनी मां के अलावा कभी किसी से ये बात साझा नहीं की. मैंने अपने बगीचे में ये आम के पौधे लगाये थे. अब तक 180 नि:संतान दंपति मुझसे ये फल ले जा चुके हैं और उनमें से 150 के बच्चे हैं. अगर कोई दंपति पुत्र चाहता है, तो ये आम खाने के बाद उनको पुत्र होगा. ये आम उन लोगों के लिए लाभदायक हैं, जो बांझपन का सामना कर रहे हैं.’

रिपोर्ट के मुताबिक, संभाजी भिड़े के वकील अविनाश भिड़े ने बताया कि संभाजी शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट जयदीप पांडेय की कोर्ट में पेश हुए थे. उन्हें 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली है. संभाजी भिड़े के खिलाफ एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पुणे के अतिरिक्त निदेशक (स्वास्थ्य) को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की थी. इसके बाद अतिरिक्त निदेशक के निर्देश पर नासिक नगर निगम की तरफ से उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था.

संभाजी भिड़े भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में भी अभियुक्त हैं. यह घटना इस साल जनवरी की है.