पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म हो गई. शुक्रवार को राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ. अब 11 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. इस खबर के साथ ही एक्जिट पोल के नतीजों को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इनके संकेतों की मानें तो राजस्थान में भाजपा को करारा झटका लग सकता है. वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति अब भी साफ नहीं हुई है. यानी इनमें कांटे की टक्कर बताई गई है. वहीं, तेलंगाना में टीआरएस की सरकार अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब दिख रही है. दूसरी ओर, मिजोरम में एमएनएफ (मिज़ो नेशनल फ्रंट), कांग्रेस से सत्ता छीन सकती है.

प्रधानमंत्री और आदित्यनाथ का व्यवहार तुगलक और औरंगजेब जैसा : कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुहम्मद बिन तुगलक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को औरंगजेब की तरह बताया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है, ‘क्या प्रधानमंत्री तानाशाह या तुगलक हैं, जिनकी देश के प्रति जवाबदेही नहीं है?’ वे अमित शाह के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमे वे प्रधानमंत्री की जगह भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा से सवाल पूछने को कह रहे हैं. रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हिंदू युवा वाहिनी के नेता द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू का सिर काटने वाले को इनाम देने की घोषणा किए जाने पर आदित्यनाथ की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘आदित्यनाथ औरंगजेब की तरह व्यवहार करते हैं.’

बुलंदशहर हिंसा मामला : एसआईटी फर्जी वीडियो से परेशान, जांच प्रभावित करने की आशंका

बुलंदशहर हिंसा मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के लिए फर्जी वीडियो परेशानी की वजह बन रहे हैं. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जांच के लिए एसआईटी की ओर से जारी व्हाट्सएप नंबर पर बड़ी संख्या में डुप्लिकेट वीडियो पहुंच रहे हैं. इसकी पुष्टि खुद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है. हालांकि, इन वीडियो की जांच कर इन्हें अलग कर दिया गया है. एसआईटी इसे जांच को प्रभावित करने की साजिश के तौर पर देख रही है. वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) मेरठ के प्रांतीय संगठन मंत्री सुदर्शन चक्र ने बुलंदशहर के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की पुलिस पर पैसे लेकर गौहत्या कराने का आरोप लगाया है.

झारखंड : ब्लड बैंक की लापरवाही से एक की मौत, सात की जिंदगी मुश्किल में

झारखंड की राजधानी रांची में ब्लड बैंकों की लापरवाही से पांच बच्चों की जिंदगी में जहर घुल गया है. हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक आठ बच्चे थैलिसीमिया का इलाज कराने रांची के डे-केयर सेंटर पहुंचे थे. इस दौरान संक्रमित खून चढ़ाने से ये एचआईवी के शिकार हो गए हैं. इनमें से एक की मौत हो चुकी है. वहीं, तीन को हेपेटाइटिस ने जकड़ लिया है. रांची डे-केयर के संचालक अतुल गेरा की माने तो जांच किए जाने पर पूरे राज्य में संक्रमण के इस तरह के मामले सामने आ सकते हैं.