पेट्रोलियम उत्पादक देशों का संगठन ‘ओपेक’ (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज) अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों को रोकने के लिए तेल उत्पादन में कमी करेगा. ओपेक के विएना स्थित मुख्यालय में हुई बैठक में संगठन के सदस्य देशों में कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल की कटौती करने पर सहमति बनी है.

ऑल इंडिया रेडियो के मुताबिक, यह जानकारी गुरुवार को इराक के तेल मंत्री थामेर अब्बास ने दी. कच्चे तेल के उत्पादान में यह कटौती अगले महीने जनवरी से की जाएगी. विश्व में कच्चे तेल की आधे से ज्यादा मांग ओपेक और उसके सहयोगी देशों द्वारा पूरी की जाती है. बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.

इससे पहले, बीते सोमवार को क़तर ने घोषणा की थी कि वह अगले महीने ओपेक से बाहर हो जाएगा. क़तर ने कहा था कि वह अभी तेल का उत्पादन जारी रखेगा, लेकिन गैस उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगा. क़तर दुनिया में ‘तरल प्राकृतिक गैस’ का सबसे बड़ा निर्यातक है.

ओपेक पेट्रोलियम उत्पादक 14 देशों का संगठन है. इसमें अल्जीरिया, अंगोला, इक्वाडोर, ईरान, इराक़, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, क़तर, नाइजीरिया, लीबिया तथा वेनेजुएला, गैबन, इक्‍वेटोरियल गुआना शामिल हैं. इसकी स्‍थापना सन 1960 में हुई थी. यह संगठन सदस्य देशों के साथ मिलकर तेल के उत्पादन और उसकी कीमतों का निर्धारण करता है.