जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व नेता शरद यादव ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को लेकर हाल ही में दिए अपने एक बयान पर खेद जताया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शरद यादव ने यह भी कहा है, ‘मेरे बयान को लेकर आए वसुंधरा राजे सिंधिया के बयान को मैंने देखा. उनके परिवार के साथ मेरे पुराने संबंध रहे हैं. मेरे शब्दों से यदि वे आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूं. मैं इस संबंध में उन्हें (वसुंधरा राजे) को एक चिट्ठी भी लिखूंगा.’

इससे पहले इसी हफ्ते राजस्थान में अलवर के मुंडावर में कांग्रेस के एक प्रत्याशी के लिए जनसमर्थन जुटाते हुए शरद यादव ने वसुंधरा राजे को लेकर विवादित बयान दिया था. तब उन्होंने कहा था, ‘वसुंधरा राजे को आराम देने की जरूरत है, वो बहुत थक गई हैं और बहुत मोटी हो गई हैं.’

उधर, शरद यादव की इस व्यक्तिगत टिप्पणी को वसुंधरा राजे सिंधिया ने ‘महिलाओं का अपमान’ बताया था. साथ ही उन्होंने इस बयान की निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की बात भी कही थी. उनका यह भी कहना था कि निर्वाचन आयोग को शरद यादव के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि भविष्य में कोई अन्य नेता किसी के लिए ऐसी अभद्र टिप्पणी व बयानबाजी न करे.

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ज्योति किरण शुक्ला ने शरद यादव के इस बयान को निराशाजनक बताते हुए उनसे फौरन माफी मांगने के लिए कहा था जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने शरद यादव के बयान को आपत्तिजनक करार देते हुए उनसे इसे वापस लेने की मांग की थी. वृंदा करात का यह भी कहना था कि शरद यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं से ऐसी अभद्र भाषा और विवादित बयानों की उम्मीद नहीं की जा सकती.