कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सेना के एक पूर्व अधिकारी द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण किए जाने से जुड़े बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिखे बगैर एक ट्वीट में कहा है, ‘जनरल एक सच्चे सिपाही की तरह बोले हैं. मिस्टर 36 को सेना को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने में कोई शर्म नहीं आती. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया और रफाल सौदे को अनिल अंबानी की संपत्ति में तीस हजार करोड़ रुपए बढ़ाने के लिए.’

इससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक का अहम हिस्सा रहे लेफ्टेनेंट जनरल (सेवानिवृत) डीएस हुड्डा ने शनिवार को एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि भारत में इसका जरूरत से ज्यादा शोर और राजनीतिकरण किया गया. उनके मुताबिक, ‘मैं समझता हूं कि सर्जिकल स्ट्राइक का जरूरत से ज्यादा प्रचार ओर राजनीतिकरण किया गया… लेकिन सेना की दृष्टि से देखा जाए तो स्ट्राइक की काफी जरूरत थी.’

पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवादी संगठनों ने 18 सितंबर, 2016 को सेना के उड़ी स्थित कैंप पर हमला किया था जिसमें भारत के 20 सैनिक मारे गए थे. हमले के दस दिन बाद 28 और 29 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकवादी संगठनों के चार लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया था. इस साल सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने इसके वीडियो भी सार्वजनिक किए गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी कई मौकों पर इसका श्रेय लेती रहती है.