इस समय अमेरिका, यूरोपीय देश, रूस और भारत सहित दुनिया के कुछ और देश चंद्रमा से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए कई अभियान चला रहे हैं. इस कड़ी में शनिवार को चीन ने चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के मकसद से एक लैंड रोवर का प्रक्षेपण किया है.

पीटीआई ने चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से बताया है कि आज प्रक्षेपित किए गए इस रोवर का नाम चांग’ई-4 है. चीनी पौराणिक कथाओं में चंद्रमा की देवी को चांग’ई कहा जाता है. चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने इस लैंड रोवर को शिचांग प्रक्षेपण केंद्र के मार्च-3बी रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा है. इसके नए साल की शुरुआत में चंद्रमा की सतह पर पहुंचने की उम्मीद है.

बाकी देशों के अभियानों के मुकाबले चीन का यह अभियान सबसे अलग है. यह पहली बार है जब धरती से भेजा गया कोई उपकरण चंद्रमा की उस सतह पर उतारा जाएगा जो धरती से दिखाई नहीं देती. वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रमा का जो हिस्सा धरती की तरफ है, वो समतल है और इस वजह से यहां लैंड रोवर जैसे उपकरणों को उतारना आसान है. इसके उलट चंद्रमा के दूसरी तरफ सतह काफी ऊबड़-खाबड़ है और इसके बारे में अब तक ज्यादा अध्ययन नहीं हुए हैं. हालांकि 1959 में पहली बार सोवियत संघ ने चंद्रमा की दूसरी तरफ की सतह की पहली तस्वीर ली थी, जिसने चंद्रमा की ‘अंधेरे तरफ’ के कुछ रहस्यों को उजागर किया था.