टाटा मोटर्स की लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन को ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (एनसीएपी) ने सबसे सुरक्षित भारतीय कार घोषित किया है. वैश्विक स्तर पर कारों के लिए सुरक्षा मानक तय करने के लिए पहचाने जाने वाले एनसीएपी ने नेक्सन को 5 स्टार रेटिंग दी है. यह कमाल करने वाली नेक्सन पहली भारतीय कार है. पिछली सीट पर बैठने वाले बच्चों की सुरक्षा के मामले में इस कार को 3-स्टार रेटिंग मिली है. इससे पहले इसी अगस्त में हुए एक ऐसे ही टेस्ट में नेक्सन को चार स्टार रेटिंग मिली थी. इसके बाद टाटा मोटर्स ने नेक्सन में ड्राइवर और सवारी के लिए स्टैंडर्ड सीट और बेल्ट रिमाइंडर जैसे अहम सेफ्टी फीचर्स देने के साथ इसके ढांचे को ज्यादा मजबूत किया.

जानकारों का कहना है कि लंबे समय तक बाज़ार में पिछड़ने के बाद टाटा की दूसरी प्रमुख कार नेक्सन का यह प्रदर्शन बाज़ार में उसके पैर जमाने में बड़ी मदद करेगा. नेक्सन की यह उपलब्धि तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब कंपनी की सर्वाधिक बिकने वाली हैचबैक टिआगो की बिक्री बीते दिनों ह्युंडई सेंट्रो के लॉन्च होने के बाद खासी प्रभावित हुई है.

टाटा नेक्सन
टाटा नेक्सन

ग्लोबल एनसीएपी ने बयान ज़ारी कर नेक्सन की इस उपलब्धि को भारत में कारों की सुरक्षा के लिहाज से कीर्तिमान बताया है. एनसीएपी के एक उच्च अधिकारी (सेक्रेटरी जनरल) का इस बारे में कहना था, ‘नेक्सन को भारत में ही निर्मित किया गया है. यह दिखाता है कि देश के घरेलू कारखानों में वाहनों की सुरक्षा, डिज़ायन और प्रदर्शन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं.’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘नेक्सन के साथ टाटा ने अंतरराष्ट्रीय कार बाज़ार में यह साबित किया है कि भारत में बनी कारें भी इस टेस्ट में पांच स्टार रेटिंग हासिल कर सकती हैं. हमें अब भारत से और ज्यादा कारों का इंतजार है जो यह रेटिंग हासिल कर सकें. हमें अपेक्षा है कि भारतीय कारों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के साथ टक्कर के प्रभाव को कम करने की खूबियों को और विकसित किया जाएगा.’

महिंद्रा मराज़ो
महिंद्रा मराज़ो

इसी टेस्ट में ग्लोबल एनसीएपी ने हाल ही में लॉन्च हुई महिंद्रा की मल्टी परपज़ व्हीकल (एमपीवी) मराज़ो को भी शामिल किया था. इसमें 4-स्टार रेटिंग हासिल कर मराज़ो भारत की सर्वाधिक सुरक्षित एमपीवी बन गई है. इस उपलब्धि के लिए महिंद्रा ने मराज़ो में स्टैंडर्ड तौर पर उपलब्ध करवाए गए- एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), डुअल एयरबैग्स और ड्राइवर के साथ पैसेंजर सीटबेल्ट रिमाइंडर जैसी खूबियों को श्रेय दिया है. बता दें कि एमपीवी सेगमेंट की रेनॉ लॉजी, शेवरोले एन्जॉय और मारुति सुज़ुकी ईको जैसी कारें इस क्रैश टेस्ट को पास करने में नाकाम रही हैं. होंडा की मोबिलियो भी इस टेस्ट में पहले असफल रही थी लेकिन बाद में जोड़े गए डुअल एयरबैग्स की मदद से यह कार तीन स्टार रेटिंग हासिल करने में सफल रही.

वाहन अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है कि अप्रैल-2019 से सभी नए वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ ही बेचा जाएगा. मंत्रालय ने यह फैसला सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट-1989 में संशोधन कर, लिया है. मंत्रालय के आदेश के मुताबिक अभी इस्तेमाल में लाए जा रहे वाहनों के लिए डीलरशिप स्तर पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट उपलब्ध करवा दी जाएगी. गौरतलब है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने यह फैसला आम लोगों के सवालों, आपत्तियों और सुझावों के बाद लिया है.

अपने निर्णय को लेकर मंत्रालय का कहना है कि हाई सिक्योरिटी प्लेट की मदद से गुम या चोरी हुए वाहनों को ट्रैक करने में काफी सहूलियत मिलेगी. मंत्रालय की तरफ से ज़ारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि 1 अप्रैल और इसके बाद बनने वाले वाहनों के साथ थर्ड रजिस्‍ट्रेशन मार्क सहित उच्‍च सुरक्षा वाली नंबर प्‍लेटें डीलरशिप स्तर पर उपलब्ध करवा दी जाएंगी. इन प्लेटों पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित कर वाहनों पर लगाने की जिम्मेदारी डीलरशिप की रहेगी.

रोल्स रॉयस की पहली एसयूवी भारत में लॉन्च

लग्ज़री कार बनाने के लिए पहचानी जाने वाली ब्रिटिश कंपनी रोल्स रॉयस ने अपनी पहली एसयूवी कलिनन को भारत में लॉन्च कर दिया है. वैश्विक स्तर पर इस कार को इसी साल मई में लॉन्च किया गया था. आर्किटेक्चर ऑफ लग्ज़री नामक एल्युमीनियम स्पेसफ्रेम प्लेटफॉर्म पर बनी कलिनन की भारत में एक्सशोरूम कीमत 6.95 करोड़ रुपए तय की गई है. भारत में लॉन्च करने से पहले इस कार को दुनियाभर की तमाम जटिल सड़कों और विपरीत मौसमी परिस्थितियों में परखा जा चुका है. बता दें कि इस शानदार गाड़ी का नाम अफ्रीका से निकले 3,106 कैरेट के हीरे पर आधारित है.

रोल्स रॉयस ने कलिनन में 6.75-लीटर का क्षमता वाला ट्विन-टर्बो वी-12 इंजन लगाया है जो 563 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 850 एनएम का टॉर्क पैदा करने की क्षमता रखता है. कलिनन, ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प के साथ बाजार में उतारी गई है. रोल्स रॉयस की सिग्नेचर स्टाइल वाली तमाम आलीशान खूबियों के साथ कलिनन के पिछले हिस्से को इस तरह से डिज़ायन किया गया है कि इसे खोलने पर दो चेयर सीट बाहर की तरफ निकलती हैं. यहां सामान रखने के लिए भी खासी जगह उपलब्ध करवाई गई है. वैश्विक स्तर पर कलिनन लैंबोर्ग़िनी की उरुस और बेंटले की बेंटाय्गा को कड़ा मुकाबला दे रही है.