अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सरकार पर एक बार फिर दबाव बनाने की कोशिश की. रविवार को एक लाख से अधिक विहिप कार्यकर्ता दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित धर्मसभा में शामिल हुए. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस कार्यक्रम में सरकार से कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने की मांग की गई. हालांकि, केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि मंदिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बनेगा या फिर दोनों पक्षों की सहमति से.

दुनियाभर में भारतीय अपनी नौकरी से सबसे ज़्यादा नाखुश : शोध रिपोर्ट

दुनियाभर में अपनी नौकरी से सबसे अधिक नाखुश भारतीय हैं. राजस्थान पत्रिका ने एक शोध रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि करीब 12 फीसदी भारतीय सोचते हैं कि उनकी नौकरी केवल समय की बर्बादी है. जबकि, 17 फीसदी को अपनी नौकरी की सामाजिक उपयोगिता के बारे में संदेह है. रिपोर्ट की मानें तो अपनी नौकरी से असंतुष्ट लोगों में अधिकतर निजी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि 50 फीसदी लोग समाज की बेहतरी के लिए काम करना चाहते हैं. लेकिन, उन्हें मौके की कमी की वजह से दूसरे क्षेत्रों में काम करना पड़ रहा है. वैसे दुनियाभर में अपनी नौकरी से नाखुश रहने वाले लोगों की संख्या आठ फीसदी है. इस सूची में भारत के बाद पौलेंड और जापान के लोग हैं.

‘अगर महिलाएं सीमा पर जाने को तैयार हैं, तो मैं उन्हें भेज दूंगा. लेकिन ध्यान रहे, वहां से ताबूत भी आते हैं’

भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सीमा पर माहौल सही न होने की वजह से महिला सैनिकों की तैनाती न किए जाने की बात कही है. नवभारत टाइम्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘अगर महिलाएं सीमा पर जाने को तैयार हैं, तो मैं उन्हें भेज दूंगा. लेकिन ध्यान रहे, आप (सैनिक) वहां बच्चे लेकर नहीं जा सकते. वहां से ताबूत (शहीदों के शव) भी आते हैं. जिस दिन बॉडी बैग आने शुरू होंगे, उनके बच्चों का क्या होगा? हमारे समाज में आप महिलाओं को उनके बच्चों से अलग नहीं कर सकते.’ हालांकि, उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे यहां महिलाएं इंजीनियर हैं. सिग्नल्स में हैं. ये जंगी भूमिका ही है.’ सेना प्रमुख ने कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आने की बात कही है.

बुलंदशहर हिंसा मामला : आरोपित जीतेंद्र मलिक ने घटनास्थल पर होने की बात स्वीकार की

बुलंदशहर हिंसा मामले में आरोपित जीतेंद्र मलिक ने घटनास्थल पर होने की बात स्वीकार की है. हालांकि, आरोपित इस बात पर कायम है कि उसने इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को गोली नहीं मारी है. अमर उजाला की खबर के मुताबिक उसने यह बात वीडियो फुटेज दिखाए जाने की बात मानी है. इससे पहले वह घटनास्थल पर होने से इंकार करता रहा था. अपराध विभाग द्वारा पांच घंटे के पूछताछ के बाद आरोपित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपित जम्मू-कश्मीर के सोपोर में तैनात 22-राजपूताना राइफल्स का जवान है.