तेलंगाना विधानसभा से जुड़ी एक जानकारी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है. एक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (यानी ओपी रावत) ने तेलंगाना की वोटर लिस्ट से 22 लाख मतदाताओं के नाम ग़ायब होने के लिए माफ़ी मांगी है.

यह ट्वीट @sidtweets नाम के ट्विटर हैंडल से बीती आठ दिसंबर को किया गया था. उसी के आसपास रिपोर्टें आई थीं कि तेलंगाना की वोटर लिस्टों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं. इनमें जानी-मानी बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा भी शामिल थीं. वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से वे मतदान नहीं कर पाई थीं, जिसके बाद उन्होंने खुलकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी.

इसके बाद चुनाव आयोग की तरफ़ से ज्वाला गुट्टा समेत वोटर लिस्ट से ग़ायब सभी मतदाताओं से माफ़ी मांगी गई थी. लेकिन यह माफ़ी मुख्य चुनाव आयुक्त ने नहीं, बल्कि अधिकारी ने माफ़ी मांगी थी. ख़बरों के मुताबिक़ वोटर लिस्ट से नाम ग़ायब होने की काफ़ी सारी शिकायतों के बाद राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार ने मतदाताओं से माफ़ी मांगी थी.

तेलंगाना की वोटर लिस्ट से 22 लाख मतदाताओं के नाम ग़ायब होने की बात बीते सितंबर में सामने आई थी. राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में रजत कुमार ने तब इसे माना भी था, लेकिन कोई सफ़ाई नहीं दी थी. जब सात दिसंबर को वोट पड़ गए, उसके बाद उन्होंने इस चूक को मानते हुए माफ़ी मांगी और कहा कि वे लोकसभा चुनाव के लिए दोबारा वोटर लिस्ट जारी करेंगे. कुल मिलाकर यह जानकारी सही नहीं है कि इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ने माफ़ी मांगी.