शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. खबरों के मुताबिक सोमवार को ब्रिटेन की एक अदालत ने इसके लिए अपनी मंंजूरी दे दी है. अब इस फैसले को ब्रिटेन के होम आॅफिस (गृह विभाग) के पास भेजा जाएगा. हालांकि अगले 14 दिनों के भीतर विजय माल्या के पास इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का अधिकार है.

इससे पहले विजय माल्या ने अपने खिलाफ चल रहे मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खुद को भारत भेजे जाने का विरोध किया था. विजय माल्या ने कुछ दिनों पहले ट्वीट में लिखा था, ‘मैंने एक भी पैसे का कर्ज नहीं लिया. कर्ज किंगफिशर एयरलाइंस ने लिया था. कारोबारी विफलता की वजह से यह पैसा डूबा. गारंटी देने का मतलब यह नहीं है कि मुझे धोखेबाज बताया जाए.’ इसके बाद बीते हफ्ते विजय माल्या ने भारत के विभिन्न बैंकों से लिए गए कर्ज के शत-प्रतिशत मूलधन को लौटाने का प्रस्ताव भी दिया था.

विजय माल्या पर देश के 13 बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. बैंकों ने जब उन पर कर्ज की रकम लौटाने पर दबाव बनाना शुरू किया था तो उसी दौरान मार्च 2016 में वे देश छोड़कर ब्रिटेन भाग गए थे. इसके बाद उन पर बैंकों से धोखाधड़ी करने के आरोप लगे थे.