‘उर्जित पटेल का इस्तीफा देश और अर्थव्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.’  

— सुब्रमण्यम स्वामी, राज्यसभा सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान सीएनबीसी से बातचीत करते हुए आया है. उन्होंने यह भी कहा, ‘उर्जित पटेल के पास दस महीनों का कार्यकाल शेष था ऐसे में उन्हें अगले साल होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर नई सरकार के गठन तक इस्तीफे के फैसले को टाल देना चाहिए था.’ सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कहा है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उर्जित पटेल से बातचीत करके उन वजहों को जानना चाहिए जिनके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है. अगर प्रधानमंत्री उन्हें इस पद पर बने रहने के लिए मना लेते हैं तो यह देश के लिए अच्छा रहेगा.’ इससे पहले सोमवार को उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए आरबीआई के गर्वनर के पद से इस्तीफा दे दिया था.

‘उर्जित पटेल ने इस्तीफा देकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है.’  

— रघुराम राजन, रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के पूर्व गवर्नर

रघुराम राजन ने द इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत करते हुए उर्जित पटेल के इस्तीफे को पूरे देश के लिए गंभीर चिंता करार दिया है. उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं मानता हूं कि हमें उर्जित पटेल के फैसले का सम्मान करना चाहिए. इसके साथ ही हमें उन हालात पर भी बात करनी चाहिए जिनके मद्देनजर उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया.’ इसके साथ ही हाल के घटनाक्रम को देखते हुए रघुराम राजन ने उद्योगपतियों और राजनीतिज्ञों को आरबीआई बोर्ड से दूर रखने की सलाह भी दी है.


‘उर्जित पटेल अपने पीछे महान विरासत छोड़कर जा रहे हैं, हमें उनकी कमी बहुत ज्यादा खलेगी.’  

— नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात एक ट्वीट में लिखी है. इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा है, ‘डॉक्टर उर्जित पटेल एक उच्च क्षमता वाले अर्थशास्त्री हैं. आर्थिक मुद्दों की उन्हें वृहद और गहरी समझ है. उन्होंने बैंकिंग प्रणाली को अराजकता से निकालकर व्यवस्था और अनुशासन कायम किया.’ नरेंद्र मोदी आगे लिखते हैं, ‘पटेल के नेतृत्व में वित्तीय मोर्चे पर रिजर्व बैंक ने स्थिरता हासिल की.’


‘उर्जित पटेल ने आरबीआई को बचाने के उद्देश्य से इस्तीफा दिया है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. उर्जित पटेल के इस्तीफे को उन्होंने ‘लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले का प्रभाव’ भी करार दिया. राहुल गांधी के मुताबिक, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आरबीआई के पास रखा हुआ सुरक्षित धन हासिल करना चाहती थी और इसे बचाने के लिए पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.’ कांग्रेस अध्यक्ष का यह भी कहना है कि आरबीआई सहित कई दूसरी संस्थाओं के अधिकारी भी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं.


‘उर्जित पटेल को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था.’  

— पी चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

पी चिदंबरम ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही है. इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा है, ‘पटेल के इस्तीफे से मैं हैरान नहीं बल्कि दुखी हूं.’ पी चिदंबरम के मुताबिक, ‘आत्मसम्मान रखने वाला कोई भी विद्वान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के साथ काम नहीं कर सकता.’