मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को विधानसभा चुनावों में हुई भाजपा की हार की जिम्मेदारी ली है. राजधानी भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा है, ‘यह सही है कि हमें बहुमत नहीं मिला और यदि इस हार के लिए कोई जिम्मेदार है तो वह शिवराज सिंह चौहान है.’ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का बचाव करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार राज्य सरकार सहयोग करती रही है और दोनों सरकारों ने लोगों के हित के लिए कई योजनाओं को लागू किया. अगर इसके बावजूद हम हार गए हैं तो इसका मतलब है कि दोष मेरा है. शायद मुझ से कुछ कमी रह गई थी.’

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा, ‘विपक्ष भी मजबूत है, हमारे पास 109 विधायक हैं, मेरा काम है रचनात्मक सहयोग... चौकीदारी करने की जिम्मेदारी हमारी है.’ शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी और कार्यकर्ता लोगों की सेवा जारी रखेंगे. इससे पहले शिवराज सिंह चौहान आज सुबह राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं.

मध्य प्रदेश में कल से जारी मतगणना आज सुबह खत्म हुई. नतीजों के मुताबिक कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिसके चलते अब राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी है. कांग्रेस 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. उसने बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा किया है.