आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास ने बुधवार को रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (आरबीआई) के 25वें गवर्नर के रूप में पदभार संभाल लिया. एनडीटीवी के मुताबिक पद संभालने के साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरबीआई की विश्वसनीयता और स्वायत्ता को बनाए रखने को लेकर वे अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं सरकार और आरबीआई के बीच के पिछले मुद्दों में नहीं पड़ना चाहता. मैं समझता हूं कि किसी भी मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता है.’ उनका यह भी कहना था कि हर संस्थान को अपनी स्वायत्ता होती है जिसे बरकरार रखा जाना चाहिए और आरबीआई में भी ऐसा ही किया जाएगा.’

इसके साथ ही आरबीआई में काम करने को एक बड़ा अवसर बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘मैं सबके साथ मिलकर भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा. इस संबंध में मैंने गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टरों के साथ एक बैठक बुलाई है.’ बैंकिंग व्यवस्था को अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि इससे जुड़ी चुनौतियों पर वे बिना कोई देर किए फौरन ध्यान केंद्रित करेंगे.

इससे पहले बीते सोमवार को उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए तुरंत प्रभाव के साथ आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मंगलवार को सरकार ने शक्तिकांत दास को आरबीआई के गवर्नर की जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की थी.