इस साल नवंबर तक करीब 15,700 भारतीय वेबसाइटें हैक हुईं. यह जानकारी बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में दी. उन्होंने कहा, ‘इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीसीआरटी-इन) के मुताबिक साल 2016 में 33,147, 2017 में 30,067 और इस साल अब तक 15,779 वेबसाइटें हैक हुई हैं.’ उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में साइबर सिक्योरिटी को बढ़ाने और साइबर हमलों को रोकने के लिए कई कदम उठा रही है.

रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि सीईआरटी-इन नियमित आधार पर साइबर हमलों के बारे में अलर्ट और सलाह जारी करता रहता है. इसके साथ ही साइबर सुरक्षा से संबंधित अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि सरकार के संगठनों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर हमलों से निपटने में सक्षम बनाया जा सके. उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और उनके संगठनों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के सभी मंत्रालयों / विभागों में होने वाले साइबर हमलों का मुकाबला करने के लिए एक ‘क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान’ भी तैयार किया है.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एसएस अहलूवालिया ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के हवाले से बताया कि साल 2014, 2015 और 2016 में क्रमशः 9,622, 11,592 और 12,317 साइबर क्राइम से जुड़े मामले दर्ज किए गए. एसएस अहलूवालिया ने कहा कि साल 2016, 2017 और नवंबर, 2018 के दौरान एटीएम, कार्ड, प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से छेड़छाड़ से जुड़ी कुल 3, 14 और वित्तीय धोखाधड़ी की 6 घटनाएं दर्ज की गईं.

इसके साथ ही एसएस अहलूवालिया ने संसद को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2015-16, 2016-17, 2017-18 और सितंबर, 2019 तक एटीएम/डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए धोखाधड़ी (1 लाख रुपये और इससे ऊपर) के क्रमशः 1,191, 1,372, 2,059 और 921 मामले दर्ज किए हैं.