भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ के नए ऑप्टस स्टेडियम में शुक्रवार से दूसरा टेस्ट मैच शुरू हो गया. ऑप्टस के मैदान पर होने वाला यह पहला टेस्ट मैच है. पर्थ में इससे पहले टेस्ट मैच वाका स्टेडियम में हुआ करते थे जिसकी पिच हमेशा से बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती रही है. वाका की तेज और बाउंसी हरी पिच देखकर विपक्षी टीम के बल्लेबाजों की धड़कनें बढ़ जाया करती हैं. हालांकि, पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम की पिच पर भी हरी घास देखकर कहा जा रहा था कि यह काफी तेज और उछाल वाली पिच होगी.

हरी-भरी पिच को देखकर ही भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने बिना किसी नियमित स्पिन गेंदबाज के उतरने का फैसला किया. भारत इस मैच में चार तेज गेंदबाजों ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव के साथ उतरा है. मैच में जब ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया तो पिच की स्थिति को देखकर यही कहा जा रहा था कि अब भारतीय टीम को इसका फायदा मिलेगा और उसके गेंदबाज पहले दिन की नमी और तेजी का भरपूर फायदा उठा लेंगे.

लेकिन मैच शुरू होने के बाद कुछ और ही नजारा दिखा. सुबह करीब तीन घंटे पिच पर न तो वह तेजी दिखी और न ही वह उछाल जिसकी क्यूरेटर से लेकर क्रिकेट के विश्लेषक तक चर्चा कर रहे थे. इसका नतीजा यह हुआ कि मैच के पहले सेशन यानि लंच तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना किसी विकेट के 66 रन था. लंच के बाद भी करीब एक घंटे ऑस्ट्रेलिया का कोई विकेट नहीं गिरा और ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस (70) और एरोन फिंच (50) ने पहले विकेट के लिये 112 रन जोड़ लिए. हालांकि, इसके बाद पिच में हल्का उछाल और तेजी नजर आयी जिसके चलते भारत ने 36 रनों के अंदर ऑस्ट्रेलिया के चार विकेट निकाले जिनमें दोनों सलामी बल्लेबाजों के अलावा उस्मान ख्वाजा (5) और पीटर हैंड्सकांब (07) के विकेट भी शामिल थे.

हालांकि, इसके बाद ट्रेविस हेड (58) और शान मार्श (45) ने फिर 23 ओवर तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया और इनके बीच 84 रन की साझेदारी हुई. पहले दिन का खेल खत्म होते-होते ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह विकेट पर 277 रन पहुंच गया. भारत की ओर से कामचलाऊ स्पिनर हनुमा विहारी पहले दिन उसके सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल रहे. विहारी ने 53 रन देकर दो विकेट लिये, साथ ही कई मौकों पर वे विकेट लेते-लेते रह गए. उनकी एक गेंद पर ऋषभ पंत ने शान मार्श का कैच भी छोड़ा. विहारी के अलावा इशांत शर्मा ने भी दो विकेट हासिल किये जबकि जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव को एक-एक विकेट मिला. पिछले मैच में पांच विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी को पहले दिन कोई विकेट नहीं मिला. अगर पहले दिन के खेल की बात करें तो पलड़ा कुछ हद तक ऑस्ट्रेलिया की तरफ झुका नजर आता है.

क्यों हनुमा विहारी के सफल होने से ऑस्ट्रेलिया ज्यादा खुश है

टेस्ट मैच के पहले दिन जो सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा था वह यह कि क्या विराट कोहली ने किसी नियमित स्पिनर को न खिलाकर बहुत बड़ी गलती कर दी है. यह सवाल इसलिए लाजमी है कि जिस पिच पर हनुमान विहारी जैसा कामचलाऊ स्पिनर पहले ही दिन दो विकेट झटक रहा है, उस पर रविंद्र जडेजा की फिरकी मैच के रुख को पलटकर रख देती.

हनुमा विहारी को विकेट मिलने से जहां कोहली के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं इसने ऑस्ट्रेलियाई खेमे को खुश कर दिया है. दरअसल, भारत से इतर ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट में अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया और उसने अपने ऑफ स्पिनर नैथन लियोन को भी पर्थ टेस्ट में मौका दिया है. जानकारों की मानें तो पिच का व्यवहार देखकर साफ़ है कि लियोन भारतीय बल्लेबाजों के लिए दिक्क्त खड़ी कर सकते हैं क्योंकि अब पिच से उन्हें अच्छी मदद मिलेगी. लियोन को लेकर ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्योंकि वे अधिकांश मौकों पर भारतीय टीम की सबसे बड़ी दिक्कत साबित हुए हैं. एडिलेड में हुआ पहला टेस्ट मैच भले ही ऑस्ट्रेलिया हार गया हो, लेकिन उन्होंने इस मैच में आठ विकेट झटके थे. वहीं 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी भारतीय टीम के खिलाफ भी उन्होंने 23 विकेट लिए थे. भारत तब इस सीरीज का कोई भी मैच नहीं जीत सका था.

इसके अलावा लियोन के पक्ष में एक और बात भी जाती है. उन्होंने ऑप्टस की पिच पर कुछ रोज पहले ही एक मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. नवंबर में पश्चिम आस्ट्रेलिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच हुए एक शैफील्ड शील्ड मैच में स्पिनरों ने आठ विकेट चटकाए थे और इनमें से सात विकेट अकेले नैथन लियोन ने हासिल किये थे.

हनुमा विहारी के विकेट लेने से ऑस्ट्रेलिया की टीम कितनी खुश है इसका अंदाजा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एरोन फिंच के एक बयान से भी लगाया जा सकता है. पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में फिंच कहते हैं, ‘इस पिच पर उछाल देखते हुए मुझे लगता है कि लियोन को यहां गेंदबाजी करने में काफी मजा आएगा. इसमें कोई शक नहीं कि वे यहां गेंदबाजी करने के लिए उतावले हो रहे होंगे.’