‘राम मंदिर को आधार बनाए बगैर भी भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकती है.’  

— प्रशांत किशोर, जनता दल युनाइटेड के नेता

प्रशांत किशोर का यह बयान इसी हफ्ते घोषित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर आया है. उनके मुताबिक राज्य चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली हार उसके लिए खतरे की घंटी नहीं है. भाजपा को अपना पूरा ध्यान विकास पर केंद्रित करना चाहिए. इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने यह भी माना, ‘भाजपा आज उतनी ताकतवर नहीं जितनी 2014 के आम चुनाव के समय पर थी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भी देश के सबसे पसंदीदा नेता हैं.’

‘किसानों का कर्ज माफ किए जाने से उनका भला होने वाला नहीं है.’  

— रघुराम राजन, रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के पूर्व गवर्नर

रघुराम राजन ने यह बात ‘एन इकॉनॉमिक स्ट्रेटिजी फॉर इंडिया’ नाम की रिपोर्ट जारी करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘कृषि क्षेत्र के संकट और इससे निपटने के तरीकों के बारे में सोचना बेहद जरूरी है लेकिन इसका समाधान सिर्फ कर्जमाफी के तौर पर नहीं तलाशना चाहिए. क्योंकि, कर्जमाफी का फायदा गरीब किसानों को नहीं मिल पाता. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता है और कृषि क्षेत्र में होने वाला निवेश भी प्रभावित होता है. रघुराम राजन ने आगे कहा, ‘मैंने ​चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर कर्जमाफी जैसे चुनावी वादों पर रोक लगवाने की अपील भी की है.’


‘हमें मालूम था कि भाजपा के साथ गठजोड़ करना हमारे लिए आत्मघाती कदम जैसा होगा.’  

— महबूबा मुफ्ती, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुखिया

महबूबा मुफ्ती ने यह बात मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भाजपा के साथ जम्मू-कश्मीर के लोगों की भलाई के लिए गठजोड़ किया था. महबूबा मुफ्ती के मुताबिक, ‘उन्हें लगा था कि प्रदेश में शांति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य के अलगाववादी नेताओं सहित पाकिस्तान के साथ बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका.’


‘महालेखा परीक्षक की वह रिपोर्ट कहां है जिसका जिक्र सुप्रीम कोर्ट ने किया है?’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी का यह बयान रफाल विमान सौदे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आया है. उनके मुताबिक, ‘शीर्ष अदालत ने कहा कि लोक लेखा समिति (पीएसी) को महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट दी गई है. लेकिन सचाई यह है कि पीएसी को ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली.’ इसके साथ ही राहुल गांधी ने सवालिया लहजे में कहा कि यह कैसे संभव है कि रफाल विमान सौदे पर सीएजी की ​रिपोर्ट शीर्ष अदालत में तो देखी गई पर पीएसी को नहीं मिली.


‘झूठ की उम्र बहुत ज्यादा नहीं होती, रफाल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी यह बात साबित हो गई है.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली का यह बयान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आया है. रफाल सौदे को देशहित में लिया फैसला बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘इन विमानों से भारत की मारक क्षमता बढ़ेगी. साथ ही साल 2007 और 2012 की तुलना में इन विमानों की अंतिम लागत कम है.’ इसके साथ ही अरुण जेटली ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से इस सौदे की जांच कराए जाने से इनकार करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि जब विभिन्न राजनीतिक दल इस सौदे में अनियमितता के आरोप लगा चुके हैं तो उनसे इसकी जांच में निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है.