राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) दो धड़ों में बंट गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शनिवार को पार्टी के दोनों विधायकों सुधांशु शेखर और ललन पासवान के अलावा विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने बिहार के पटना में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिगत राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इन तीनों नेताओं ने एनडीए का समर्थन करने का ऐलान किया. इसके साथ ही पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना दावा ठोंकते हुए इन्होंने इस बाबत चुनाव आयोग से अपील करने की बात भी कही.

उधर, इस नाटकीय घटनाक्रम के बीच आरएलएसपी के इकलौते सांसद रामकुमार शर्मा ने उपेंद्र कुशवाहा के साथ ही बने रहने का संकेत दिया है. इस बीच आगे की रणनीति तय करने के लिए उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को एक विशेष बैठक बुलाई है. जानकारी के मुताबिक माना जा रहा है कि इस बैठक में बागी विधायक सुधांशु कुमार भी हिस्सा ले सकते हैं.

इससे पहले आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे उपेंद्र कुशवाहा ने इसी महीने एनडीए का साथ छोड़ने की घोषणा की थी. हालांकि एनडीए का साथ छोड़ने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं की रायशुमारी बैठक में भी सुधांशु शेखर और ललन पासवान शामिल नहीं हुए थे. साथ ही एनडीए का साथ छोड़ने की घोषणा के बाद उन्होंने बगावती सुर अपना लिए थे. इसके बाद से ही पार्टी में दो फाड़ होने की अटकलें लगना शुरू हो गई थीं जो शनिवार को जमीनी हकीकत में बदल गईं.