अॉल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को कहा कि सरकार द्वारा अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाये जाने और तीन तलाक पर संसद में कानून बनाए जाने की स्थिति में वह उन्हें अदालत में चुनौती देगा. बोर्ड ने यह भी कहा कि मंदिर के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे कुछ हिंदूवादी संगठनों के भड़काऊ बयानों पर सरकार रोक लगाये और उच्चतम न्यायालय उनका संज्ञान ले.

कार्यकारिणी की लखनऊ में हुई बैठक के बाद बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने इस मौके पर कहा, ‘अयोध्या के विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार रहने की स्थिति में कानूनी तौर पर कोई अध्यादेश नहीं लाया जा सकता. सरकार ने भी यह रुख दिखाया है कि वह अध्यादेश नहीं लाएगी. अगर कोई अध्यादेश आता भी है तो वह कानूनन सही नहीं होगा और बोर्ड उसको चुनौती देगा.’

बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य कासिम रसूल इलियास ने बताया, ‘केंद्र सरकार तीन तलाक पर अध्यादेश लाई है. इसकी मियाद छह महीने होगी. अगर यह गुजर गई तो कोई बात नहीं लेकिन अगर इसे कानून की शक्ल दी गई तो बोर्ड इसको उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगा.’ इलियास ने यह भी कहा कि बोर्ड का स्पष्ट रुख है कि वह बाबरी मस्जिद मामले में अदालत के अंतिम फैसले को स्वीकार करेगा.