रफाल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पर भाजपा लगातार हमलवार दिख रही है. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) और रायबेरली में कांग्रेस को निशाने पर लिया. ये खबर आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का इतिहास बोफोर्स घोटाले वाले क्वात्रोची ‘मामा’ का रहा है. हेलिकॉप्टर घोटाले के आरोपित ‘अंकल’ क्रिश्चियन मिशेल को पकड़कर कुछ दिन पहले भारत लाया गया है. सभी ने देखा कि कैसे इस आरोपित को बचाने के लिए कांग्रेस ने अपना वकील अदालत भेज दिया.’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘मैं कांग्रेस से जानना चाहता हूं कि क्या वह इसलिए भड़की हुई है, झूठ पर झूठ बोल रही है क्योंकि बीजेपी सरकार जो रक्षा सौदे कर रही है उसमें कोई क्वात्रोची ‘मामा’ नहीं है, कोई क्रिश्चियन मिशेल ‘अंकल’ नहीं है.’

सीएजी और अटॉर्नी जनरल को तलब करने को लेकर पीएसी में मतभेद

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अटॉर्नी जनरल (एजी) और नियंत्रक-महालेखा परिक्षक (सीएजी) को तलब करने के मुद्दे पर लोक लेखा समिति (पीएसी) दो हिस्सों में बंट गई है. राजस्थान पत्रिका की खबर की मानें तो बीते शनिवार को पीएसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन शीर्ष अधिकारियों को बुलाने की बात कही थी.

हालांकि, पीएसी सदस्य और बीजू जनता दल (बीजेडी) के नेता भतृहरि मेहताब ने इसे गैर-जरूरी बताया है. वहीं, एक अन्य सदस्य और शिवसेना नेता गजानन चंद्रकांत कीर्तिकर का कहना है, ‘रफाल मामला पीएसी के एजेंडे में नहीं है.’ इससे पहले शीर्ष अदालत ने रफाल मुद्दे पर अपने फैसले में कहा था कि सीएजी ने इससे जुड़ी रिपोर्ट पीएसी को सौंप दी है. साथ ही, इसके कुछ हिस्सों को संसद में भी रखा जा चुका है. इसे मल्लिकार्जुन खड़गे ने झूठ बताया था. जबकि, सरकार का कहना है कि अदालती फैसले में व्याकरण की गलती से यह विवाद पैदा हुआ है.

भारत सहित 200 देश पेरिस जलवायु समझौते को लागू करने पर सहमत

पोलैंड के कैटोविक्स में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) जलवायु सम्मेलन (सीओपी-24) के लिए जुटे भारत सहित 200 देश पेरिस समझौते (2015) को लागू करने पर सहमत हो गए हैं. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक यह समझौता 2020 से लागू होगा. सीओपी-24 के अध्यक्ष माइकल कुर्टिका ने कहा कि पेरिस समझौते को लागू करना बड़ी जिम्मेदारी है. साथ ही, सभी देशों ने इसके लिए अधिक कोशिश की है. पेरिस समझौते के तहत साल 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती कर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में कमी लाना है. हालांकि, अमेरिका, सऊदी अरब, रूस और कुवैत ने इसका विरोध किया है.

सबरीमला मंदिर जा रहे ट्रांसजेंडरों के समूह को पुलिस ने वापस भेजा

केरल के सबरीमला मंदिर में रविवार को पूजा के लिए जा रहे ट्रांसजेंडरों के एक समूह को पुलिस ने 60 किलोमीटर दूर से ही वापस लौटा दिया. नवभारत टाइम्स के मुताबिक ये ट्रांसजेंडर पारंपरिक परिधान काली साड़ी पहनकर मंदिर जा रहे थे. इनमें से एक अनन्या ने बताया, ‘पहले पुलिस ने कहा कि हमें महिला परिधान में मंदिर दर्शन के लिए प्रवेश नहीं दिया जाएगा. हमसे पुरुषों के कपड़े पहनने को कहा गया. पुरुष परिधान पहनने के बाद पुलिस ने अपना रुख बदल लिया और हमें वापस लौटा दिया.’ वहीं, कोट्टयम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस हरिशंकर ने ट्रांसजेंडरों के साथ प्रताड़ना की बात को खारिज किया है. उन्होंने कहा, ‘सबरीमला मंदिर में हर किसी को पूजा करने का अधिकार है.’