छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलवाद को लेकर अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि नक्सली समस्या एक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्या है और इससे इसी तरह से ही निपटा जाएगा. सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संवाददाता सम्मेलन में भूपेश बघेल ने कहा कि पिछली सरकार ने बंदूकों के माध्यम से नक्सल समस्या को हल करने की कोशिश की थी, जो उचित तरीका नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों और जनजातियों के साथ बातचीत करेगी जो इस समस्या के कारण सबसे अधिक प्रभावित हैं और माओवादियों व सुरक्षाकर्मियों के बीच की लड़ाई में पीड़ित हैं. बघेल ने कहा, ‘सबसे पहले इन लोगों से बात करनी होगी और उन्हें विश्वास में लेना होगा और इसके अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए नीति तैयार की जाएगी.’

इसके अलावा शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के साथी टीएस सिंह देव और ताम्रध्वज साहू के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों से किए गए वादों को पूरा करते हुए कर्ज माफ करने का फैसला लिया. इस बारे में बघेल ने बताया कि सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने और उन्हें धान का समर्थन मूल्य 2,500 रुपये देने का फैसला किया है. इसके अलावा नई सरकार ने झीरम घाटी हमले की जांच एसआईटी से करवाने का फैसला किया है.