दिल्ली की एक अदालत ने आज सीबीआई रिश्वत मामले में गिरफ्तार किए गए कथित बिचौलिए मनोज प्रसाद को जमानत दे दी. मनोज को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से संबंधित रिश्वतखोरी के आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था.सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने प्रसाद को जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को और हिरासत में रखने से कोई मकसद हल नहीं होगा.

अदालत ने इससे पहले तीन नवंबर को प्रसाद की जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए कहा था कि उन्हें राहत देने का यह सही और उपयुक्त समय नहीं है. उससे पहले उसने 31 अक्टूबर को मामले के सह-आरोपी व सीबीआई के एक उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार को जमानत दे दी थी. कुमार को जमानत देने के मामले में जांच एजेंसी ने कोई विरोध नहीं जताया था.

गौरतलब है कि सीबीआई ने एक व्यापारी सतीश साना की लिखित शिकायत पर 15 अक्टूबर को राकेश अस्थाना और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. अस्थाना के अलावा मनोज प्रसाद और देवेंद्र कुमार तथा एक अन्य बिचौलिये सोमेश प्रसाद को भी मामले में नामजद किया गया था. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मांस निर्यातक मोईन कुरैशी के मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी कुमार ने शिकायतकर्ता साना को बार-बार सीबीआई कार्यालय में बुला कर परेशान किया तथा मामले में क्लीन चिट देने के लिए पांच करोड़ रुपये रिश्वत की मांगी.