आईपीएल की नीलामी हर बार की तरह इस बार भी काफी चर्चा में रही. मंगलवार को हुई इस नीलामी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उन खिलाड़ियों की भरी भरकम कीमत की हुई जिन्हें इससे पहले तक कम लोग ही जानते थे. ऐसे खिलाड़ियों की सूची में कई नाम शामिल हैं, लेकिन जिन तीन नामों ने सबसे ज्यादा चौंकाया है वे हैं वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और प्रभसिमरन सिंह. तमिलनाडु के वरुण चक्रवर्ती पर किंग्स इलेवन पंजाब ने 8.4 करोड़ रुपए का दांव लगाया है. उधर, मुंबई के शिवम दुबे को रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर ने पांच करोड़ में खरीदा है जबकि प्रभसिमरन सिंह पर पंजाब ने 4.8 करोड़ रुपए का दांव खेला है. आइये जानते हैं कि इन खिलाड़ियों में आखिर ऐसा क्या है जिसने आईपीएल फ्रेंचाइजियों को इनकी इतनी बड़ी कीमत लगाने पर मजबूर कर दिया.

शिवम दुबे- बेस प्राइस 20 लाख - बिके पांच करोड़ रुपए में

मुंबई के लिए खेलने वाले शिवम दुबे एक हरफनमौला खिलाड़ी हैं. वे बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ही दाएं हाथ से मध्यम गति की तेज गेंदबाजी भी करते हैं. कैरेबियन खिलाड़ियों जैसी लंबे चौड़ी कद-काठी वाले शिवम का नाम पिछले एक साल में उभर कर सामने आया है. पहले वे मुंबई टी20 लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए चर्चा में आये फिर घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा.

शिवम ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत स्कूल क्रिकेट से की थी. उन्होंने हंसराज स्कूल को मुंबई अंडर-14 का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ‘गाइल्स शील्ड’ जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन इसके अगले पांच सालों तक वे निजी कारणों के चलते क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सके. हालांकि, इसके बाद शिवम ने अंडर-23 स्तर के कुछ टूर्नामेंटों में अपने प्रदर्शन से मुंबई रणजी टीम के चयनकर्ताओं को खासा प्रभावित किया और बीते साल मुंबई की रणजी टीम में जगह बनाने में सफल हो गए.

25 साल के शिवम ने अपने छोटे से फर्स्ट क्लास करियर में अब तक केवल छह मैच ही खेले हैं. लेकिन इनमें उन्होंने 11 पारियों में दो शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं. हालांकि, इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी आईपीएल में उन्हें अपने बेस प्राइस से 25 गुना कीमत मिलने की वजह कुछ और ही है. यह वजह है उनके लंबे-लंबे शॉट खेलने की क्षमता, जिसे देखकर युवराज सिंह के शुरुआती दिनों की याद ताजा हो जाती है.

शिवम ने एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार लगातार पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़े हैं. पहली बार उन्होंने यह कारनामा मुंबई टी-20 लीग के एक मैच में किया था, तब उन्होंने प्रवीण तांबे जैसे गेंदबाज के एक ओवर में पांच छक्के लगाए थे. प्रवीण तांबे 2005 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए हैट्रिक लगा चुके हैं. इसके बाद बीते हफ्ते ही शिवम ने रणजी ट्रॉफी के एक मैच में बड़ोदा के बाएं हाथ के स्पिनर स्वप्निल सिंह के एक ओवर में लगातार पांच छक्के लगाए.

मुंबई रणजी टीम के कोच विनायक सामंत, जो शिवम के खेलने के दौरान अंडर-23 टीम के भी कोच थे, एक साक्षात्कार में कहते हैं, ‘शिवम की फिटनेस में काफी सुधार हुआ है और अब स्थिति यह है कि वह लंबे समय तक गेंदबाजी कर सकता है. साथ ही एक बल्लेबाज के तौर पर भी आप उस पर पहले से कहीं ज्यादा विश्वास कर सकते हैं. उसकी एक खासियत यह भी है कि वह टीम की योजना के हिसाब से अपने खेल को मैनेज कर लेता है.’

वरुण चक्रवर्ती - बेस प्राइस 20 लाख रुपये, बिके 8.4 करोड़ रुपए में

तमिलनाडु से आने वाले वरुण चक्रवर्ती को मिस्ट्री स्पिनर के नाम से जाना जाता है. वरुण ने 13 साल की उम्र में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में की थी. तब उन्होंने स्कूल स्तर पर काफी क्रिकेट भी खेला था, लेकिन इसके बाद उन्होंने आर्किटेक्चर के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया और चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय में एडमिशन ले लिया. डिग्री मिलने के बाद करीब दो साल तक वरुण ने आर्किटेक्ट के तौर काम भी किया. लेकिन इसके बाद एक बार फिर उनका दिमाग पलटा और उन्होंने दोबारा क्रिकेट खेलने की ठानी. इस बार उन्होंने एक तेज गेंदबाज के तौर क्रिकेट खेलना शुरू किया.

हालांकि, टखना चोटिल होने के कारण उन्हें जल्द ही अपने तेज गेंदबाज बनने के फैसले से पीछे हटना पड़ा. लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बतौर स्पिनर क्रिकेट के मैदान में उतरने का निर्णय किया. एक साक्षात्कार में वे बताते भी हैं, ‘चोट के बाद, मैं फिर से तेज गेंदबाजी नहीं करना चाहता था, कुछ लोगों ने भी मुझे ऐसी सलाह भी दी, इसलिए मैं एक स्पिनर बन गया.’

वरुण चक्रवर्ती
वरुण चक्रवर्ती

हालांकि, बतौर स्पिनर शुरुआत में उनकी गेंदो की काफी पिटाई होती थी. लेकिन वे कहते हैं कि इसी वजह ने उन्हें एक मिस्ट्री स्पिनर बनाया. पिटाई से बचने के लिए वरुण अपनी गेंदबाजी में कई तरह विविधताएं लेकर आए. वे अब तक ऑफब्रेक, लेगब्रेक, गुगली, कैरम बॉल, फ्लिपर, टॉप स्पिन और यॉर्कर लेंथ की गेंद फेंकने में महारत हासिल कर चुके हैं.

एक साक्षात्कार में वरुण कहते हैं, ‘मैंने गली क्रिकेट खेलते समय टेनिस बॉल के साथ बहुत प्रयोग किए थे. इसके बाद लेदर बॉल के साथ भी मैंने ये प्रयोग जारी रखे और आखिरकार नई विविधताएं जोड़ने में कामयाब हो ही गया.’ बीते साल क्लब स्तर पर खेलने के दौरान उन्हें नेट पर चेन्नई सुपर किंग्स और केकेआर के खिलाड़ियों को गेंदबाजी करने का मौका मिला. वरुण की मानें तो इससे उन्हें बड़े खिलाड़ियों की मानसिकता को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली.

यह अनुभव उनके काफी काम आया, साल 2017-18 में वरुण ने क्लब स्तर पर चेन्नई के एक टूर्नामेंट सिर्फ 7 मैचों में 8.26 के औसत से 31 विकेट झटके. इस दौरान उन्होंने एक हाफ सेंचुरी भी लगाई. इसके बाद साल 2018 में उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मदुरई पैंथर की ओर से खेलने का मौका मिला. इस टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और कई बड़े बल्लेबाजों के विकेट चटकाए. इस टूर्नामेंट के दौरान पॉवरप्ले और स्लोग ओवरों में उनकी गेंदबाजी ने भी काफी चर्चा बटोरी.

तमिलनाडु प्रीमियर लीग में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से वरुण का चयन विजय हजारे ट्रॉफी के लिए हुआ. विजय हजारे में उन्होंने नौ मैचों में 22 विकेट लेकर सनसनी मचा दी. टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज मैचों में वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने.

प्रभसिमरन सिंह - बेस प्राइस 20 लाख, बिके 4.80 करोड़ रुपए में

शिवम दुबे (25) और वरुण चक्रवर्ती (27) की तुलना में प्रभसिमरन सिंह की उम्र काफी कम है, वे अभी केवल 17 साल के ही हैं. लेकिन छोटी उम्र में ही वे अपने हुनर से काफी चर्चाएं बटोर चुके हैं. प्रभसिमरन सिंह पंजाब के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं और पंजाब के लोकप्रिय खिलाड़ी अनमोलप्रीत सिंह के चचेरे भाई भी हैं. वह ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट से प्रेरित हैं और बतौर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को अपना आदर्श मानते हैं.

प्रभसिमरन सिंह
प्रभसिमरन सिंह

प्रभसिमरन सिंह के करीबियों की मानें तो उन्होंने अनमोलप्रीत को नेट पर खेलते देखकर क्रिकेट खेलने का मन बनाया था. प्रभसिमरन पहली बार तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अंडर-23 जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में अमृतसर के खिलाफ 302 गेंदों में 298 रन की पारी खेली थी. इसके बाद उन्होंने 2017-18 की कूच बिहार ट्रॉफी में पंजाब की ओर से खेलते हुए तीन शतकों की मदद से कुल 547 रन बनाए.

प्रभसिमरन इस समय भारत की अंडर-19 और अंडर-23 दोनों टीमों का हिस्सा हैं. उनकी प्रतिभा को देखते हुए पिछले दिनों उन्हें बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के अंडर-19 विकेटकीपिंग शिविर के लिए चुना गया था. इसमें उनका नाम देश के शीर्ष पांच अंडर -19 विकेटकीपरों में शामिल था.