संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान की प्रख्यात कार्यकर्ता असमा जहांगीर को मरणोपरांत प्रतिष्ठित मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया है. संयुक्त राष्ट्र ने अक्टूबर में असमा जहांगीर को यह पुरस्कार देने की घोषणा की थी. मंगलवार को उनकी बेटी मुनीजा जहांगीर ने एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फर्नैंडा एस्पिनोसा से यह पुरस्कार ग्रहण किया.

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने मानवाधिकार के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है. इसे पाने वालों में मार्टिन लूथ किंग, नेल्सन मंडेला और जिमी कार्टर जैसी हस्तियां शामिल हैं. अब असमा जहांगीर भी इनमें शामिल हो गई हैं.

असमा पाकिस्तान के उन चुनिंदा सामाजिक कार्यकर्ताओं में शुमार थीं जो सत्ता-संस्थानों के अन्याय के खिलाफ खुलकर बोलते थे, खास तौर पर सैन्य तानाशाही की तो वे मुखर विरोधी थीं. बहुत सी लड़ाइयां वे अदालतों में ले गईं जो अब कानूनी इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं. इस साल 11 फरवरी को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था.