अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, ‘हमने सीरिया में आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ़ ईराक़ एंड सीरिया) को हरा दिया है. मेरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हमारे (अमेरिकी सेनाओं के) सीरिया में रहने का इक़लौता कारण अब ख़त्म हो गया है.’

ख़बरों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार सुबह ट्विटर पर यह ऐलान किया. इसके साथ ही बताया जाता है कि उन्होंने सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी का आदेश भी जारी कर दिया है. अमेरिका सेना ने भी सीरिया से वापसी की तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि ट्रंप के इस क़दम पर अमेरिकी प्रशासन में ही मतभेद भी बताए जाते हैं. ख़बरों की मानें तो डोनाल्ड ट्रंप की ही सरकार में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो अभी सीरिया से अमेरिकी सेना को हटाने के पक्ष में नहीं है.

पिछले सप्ताह ही अमेरिकी प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से ख़बरें आई थीं. इनमें कहा गया था कि अमेरिका अभी सीरिया से सेना नहीं हटाएगा. क्योंकि इससे सीरिया में अमेरिका के सहयोगी कुर्द लड़ाके तुर्की सेना के रहमो-करम पर आ जाएंगे. यानी उनके जो कुर्द लड़ाकों को ‘आतंकी’ घोषित करने के लिए लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं. यही नहीं अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी मानने से इंकार किया था कि सीरिया में आईएसआईएस पूरी तरह पराजित हो चुका है.

यही नहीं छह दिसंबर को ही अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कहा था कि अभी ‘सीरिया में काफ़ी काम बाकी है.’ आईएसआईएस को पराजित करने के लिए बने वैश्विक गठबंधन में अमेरिका के विशेष दूत ब्रेट मैक्गर्क ने भी 11 दिसंबर को कहा था, ‘आपकाे (अमेरिका को) यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अब तक जो भी फ़ायदे की स्थिति (सीरिया में) बनी है उसे वहां की आंतरिक सुरक्षा बल ठीक ढंग से संभाल पाएं. इसके लिए थोड़ा और वक़्त (अमेरिकी सेना की वापसी में) लिया जाना चाहिए.’