देश की सबसे तेज गति से चलने वाली रेल ‘ट्रेन 18’ का गुरुवार को दिल्ली से आगरा के बीच ट्रायल किया गया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कुछ अराजक तत्वों ने इसी दौरान ट्रेन पर पत्थर फेंके जिससे इसकी खिड़की का एक शीशा टूट गया. इस घटना पर इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के जनरल मैनेजर सुधांशु मनी ने एक ट्वीट में लिखा है कि इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और उम्मीद है कि ऐसा करने वालों को जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा.

उधर, गुरुवार के ट्रायल रन के दौरान यह ट्रेन 181 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार तक दौड़ाई गई हालांकि दिल्ली से आगरा के बीच इसकी औसत रफ्तार 176 किलोमीटर प्रतिघंटे की रही. जानकारी के मुताबिक ट्रायल रन के दौरान आईसीएफ के चीफ डिजाइन इं​जीनियर श्रीनिवास भी ट्रेन में मौजूद थे.

जानकारी के मुताबिक बिना इंजन वाली तेज रफ्तार ऐसी ट्रेनें निकट भविष्य में भारतीय रेल की शताब्दी ट्रेनों का विकल्प बनेंगी. ऐसी पहली ट्रेन के परिचालन की शुरुआत दिल्ली-वाराणसी रूट पर होगी जिसका इसी महीने की 29 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधिवत उद्घाटन करेंगे.

सेमी हाईस्पीड श्रेणी वाली इस ट्रेन की खूबियों पर गौर करें तो 16 कोच वाली इस ट्रेन में वाई-फाई के साथ जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम लगाया गया है. एलईडी लाइट और बायो-वैक्युम शौचालयों के अलावा कोचों में क्लाइमेट कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है. यात्रियों की सुविधा के लिए मोबाइल और लैपटॉप चार्जिग प्वाइंट बनाए गए हैं तो वहीं इसके दरवाजों में भी आप्टिकल सेंसर लगाए गए हैं. इसके अलावा ट्रेन के कोच में लगे एलईडी में सीधे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम देख पाने की सुविधा भी मिल सकेगी.