रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि पश्चिमी देश लगातार शक्तिशाली हो रहे रूस से भयभीत हैं. पीटीआई के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरूवार को राजधानी मास्को में वार्षिक संवाददाता सम्मलेन को संबोधित करते हुए यह बात कही है.
घरेलू स्तर पर बढ़ते असंतोष तथा यूक्रेन के साथ बढ़ते विवाद के कारण अमेरिका से बिगड़ते संबंधों के बीच हुए इस सम्मलेन पर दुनियाभर की निगाहें थीं. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने अपने देश के नागरिकों से तमाम प्रतिबंधों से उभरने और आर्थिक वृद्धि को और आगे बढ़ाने का वादा किया.
रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को उन्होंने एक षड्यंत्र जैसा बताया. उनका कहना था कि यह मामला रूस की बढ़ती ताकत से जुड़ा हुआ है जिससे ये सभी देश भयभीत हैं. पुतिन का कहना था, ‘एक शक्तिशाली खिलाड़ी सामने आता है, उसे गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है. अभी हाल तक ऐसा माना जाता था कि ऐसा कोई देश नहीं है.’
इस दौरान रूसी राष्ट्रपति ने जासूसी के मामलों में रूस की भूमिका से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में पूर्व डबल एजेंट सर्गेई स्क्रीपल और उसकी बेटी को जहर देने में रूस का कोई हाथ नहीं है. पुतिन ने तंज कसते हुए कहा, ‘अगर स्क्रीपल नहीं होते तो उन्होंने (ब्रिटेन ने) कुछ और गढ़ लिया होता.’
इस वार्षिक संवाददाता सम्मलेन में पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीरिया से सैनिकों को हटाने के निर्णय की सराहना की, लेकिन शीत युद्ध के हथियार समझौते से अमेरिका के हटने को गलत बताया.
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