अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. मैटिस का इस्तीफ़ा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही सीरिया से अपनी सेना वापस बुलाने का ऐलान किया था. बताया जाता है कि इसी मसले पर मैटिस और ट्रंप के बीच मतभेद थे. इसकी वज़ह से उन्होंने पद छोड़ना बेहतर समझा.

ख़बरों के मुताबिक अपना इस्तीफ़ा सौंपते हुए अमेरिकी नौसेना के पूर्व प्रमुख मैटिस ने लिखा कि राष्ट्रपति को ऐसे व्यक्ति को रक्षा मंत्री की ज़िम्मेदारी सौंपनी चाहिए जो उनके विचाराें के साथ बेहतर ढंग से तालमेल बिठा सके. उन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय को भेजे अपने पत्र में उन तमाम मसलों का ज़िक्र भी किया है जिनमें वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे. उन्होंने लिखा, ‘अमेरिका की ताक़त उसके सहयोगी देशों का उस पर टिका भरोसा है. हमें इन संबंधों और सहयोगियों के भरोसे का सम्मान करना चाहिए. साथ ही आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक़ एंड सीरिया) जैसी वैश्विक आतंकी चुनौतियों पर स्पष्ट नज़र रखनी चाहिए.’

ग़ौरतलब है कि अभी छह दिसंबर को ही मैटिस ने सीरिया में अमेरिकी सेनाओं की स्थिति से जुड़े एक सवाल के ज़वाब में कहा था, ‘अभी वहां काफ़ी काम बाकी है.’ इस तरह उन्होंने निकट भविष्य में सीरिया से अमेरिकी सेना वापस बुलाने की संभावना भी ख़ारिज़ कर दी थी. लेकिन बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने उनकी व उनके जैसे अन्य सलाहकारों की राय को दरकिनार करते हुए घोषणा की, ‘हमने सीरिया में आईएसआईएस को हरा दिया है. मेरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हमारे (अमेरिकी सेनाओं के) सीरिया में रहने का इक़लौता कारण अब ख़त्म हो गया है.’ इसके बाद उन्होंने सीरिया से अमेरिकी सेनाएं वापस बुलाने के आदेश भी जारी कर दिए थे.