अमेरिकी एजेंसी एफबीआई के अधिकारी बन कर विदेशियों को ठगने वाले एक कॉल सेंटर का पता लगा कर पुलिस ने इस मामले में 125 लोगों को गिरफ्तार किया है. उसे मौके से कई कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, चेक बुक आदि मिले हैं. पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि यह लोग काफी समय से विदेशी लोगों को ठग रहे थे.

पीटीआई के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल ने बताया कि एक कॉल सेंटर के लोगों द्वारा अमेरिकियों से संपर्क कर उन्हें ठगने की सूचना मिली थी. इस आधार पर एक विशेष टीम बनाकर गुरुवार रात कॉल सेंटर पर छापा मारा गया. अधिकारी ने बताया कि कॉल सेंटर से नरेंद पाहुजा, शैगी, मनीष बलवान, बिपिन, रिमी, मुकुल, परिधि, जान मोहम्मद, मयूर, पुनीत, प्रमोद सहित 125 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

खबर के मुताबिक आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे गूगल और अन्य प्लेटफॉर्मों के जरिए अमेरिकी लोगों का डेटा तथा सोशल सिक्योरिटी नंबर हासिल कर उनसे संपर्क करते थे. ये लोग खुद को अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी एफबीआई के अधिकारी बता कर अमेरिकी नागरिकों को झूठे मामलों और चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में फंसाने की धमकी देते थे.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि जो भी इनके झांसे में आ जाता था उससे ये लोग 2,000 से 5,000 अमेरिकी डॉलर तक की रकम अपने खाते में डलवा लेते थे. उन्होंने बताया कि अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई को ईमेल के जरिए इस पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है. बता दें कि कुछ दिन पहले एफबीआई के अधिकारी भारत आए थे. उन्होंने नोएडा पुलिस से संपर्क कर उसे कुछ सूचनाएं दी थीं. उसके बाद विदेशी लोगों को ठगने वाले दर्जनभर कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई थी.